सजा पूरी तब भी नाइजीरियाई बंदी

बिलासपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक विदेशी युवक सजा पूरी हो जाने के बाद भी जेल में बंद है. बिलासपुर केंद्रीय जेल में धोखाधड़ी व विदेशी अधिनियम के तहत बंद एक नाइजीरियाई युवक की सजा पिछले चार दिन पहले पूरी हो गई है, फिर भी वह सलाखों के पीछे रहने को मजबूर है. पुलिस गार्ड नहीं मिलने के कारण उसे जेल से रिहा नहीं किया जा रहा है. बिलासपुर केंद्रीय कारागार के अधीक्षक एस.एस. तिग्गा ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में सजा काट रहे नाइजीरियाई युवक की सजा 15 दिसंबर को पूरी हो गई है. इसकी सूचना एसपी को दे दी गई है, लेकिन गार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे रिहा नहीं किया गया है.

पुलिस ने वर्ष 2012 में लॉटरी लगने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में नाइजीरियाई युवक 34 वर्षीय विक्टर यूसे को गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ धोखाधड़ी व विदेशी नागरिक अधिनियम की धारा 14 के तहत अपराध दर्ज किया गया था.


पुलिस ने बताया कि मोहभठ्ठा निवासी नवीन दुबे के मोबाइल पर नाइजीरियाई युवक ने कॉल कर लॉटरी लगने का झांसा दिया था और लॉटरी की रकम पाने के लिए फीस जमा करने को कहा था. नवीन दुबे ने उसे फीस की रकम लेने के लिए अपने यहां बुलाया. रकम के लालच में नाइजीरियाई युवक वहां पहुंच गया. उसकी गतिविधियों को देखकर नवीन को शक हुआ. लिहाजा, उसने पुलिस को सूचना दे दी.

पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. अदालत ने नाइजीरियाई युवक को 26 जून 2012 को ढाई साल की सजा सुनाई थी.

नाइजीरियाई युवक की सजा बीते 15 दिसंबर को पूरी हो गई है. अदालत से उसकी रिहाई का आदेश जेल भी पहुंच गया है. जेल अधीक्षक ने इसकी सूचना एसपी को दे दी है, लेकिन पुलिस गार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण वह सजा पूरी होने के बाद भी पिछले चार दिन से जेल में बंद है.

पुलिस के आला अफसरों का कहना है कि प्रावधान के अनुसार, किसी भी विदेशी आरोपी की सजा पूरी होने के बाद उसे जेल से दूतावास भेजना पड़ता है. नाइजीरियाई युवक को दिल्ली स्थित दूतावास के सुपुर्द किया जाएगा. इसके लिए जेल प्रबंधन को पुलिस गार्ड की जरूरत है.

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