धान का मुआवजा 7 रु. 38 पैसा

रायपुर | न्यूज डेस्क: छत्तीसगढ़ के तिल्दा में एक किसान को दो एकड़ धान की फसल खराब होने पर 7 रुपये 28 पैसे का मुआवजा मिला है. रायपुर के पास तिल्दा के सासाहोली गांव के किसान हरिराम यदु का पिछले साल दो एकड़ में लगाया गया धान खराब हो गया था. जिसके मुआवजे के तौर पर उन्हें बीमा कंपनी द्वारा महज 7 रुपये 38 पैसा मिला है.

पहले किसान हरिराम यदु को उम्मीद थी कि उसे कम से कम धान लगाने का खर्चा तो मिल ही जायेगा. जब सोसाइटी के कर्मचारी ने उसे राष्ट्रीय कृषि बीमा का सर्टिफिकेट दिया तो उसे वास्तविकता का अहसास हुआ.


इससे पहले भी बीमा कंपनी द्वारा इसी तरह का बीमा किसानों को दिया जा चुका है. छत्तीसगढ़ के कटघोरा के रंगबेल गांव के किसान दिलराज सिंह को 5 हेक्टेयर से ज्यादा की जमीन होने के बावजूद बीमा कंपनी ने मात्र 40 पैसे मुआवजे का भुगतान किया. वहीं कटघोरा के खैरभवना के एक किसान को ढ़ाई एकड़ भूमि में फसल बर्बाद होने का मुआवजा 18 रुपये दिया गया.

बीबीसी की खबर के अनुसार कोरिया जिले में किसानों को 5 रुपया से 25 रुपया तक का मुआवजा मिलने की खबर आई थी. जाहिर है कि सरकारी दावे तथा जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क है.

इसी तरह से कोरिया जिले में केवल छींदडांड़, धौराटिकरा, पटना और कंचनपुर गाँवों के आंकड़ों को देखें तो इन गाँवों के 3,429 किसानों को 25 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से 1 लाख़ 27 हज़ार 336 रुपए 75 पैसे का भुगतान किया गया.

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