धान का समर्थन मूल्य होगा 2100 ?

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में अब धान का समर्थन मूल्य 2100 हो सकता है. केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ की रमन सिंह की सरकार ने जनता से जो वादा किया था, उसके पूरे होने के दिन अब आ गये हैं.

गौरतलब है कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने नवंबर में हुये विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि वह धान का समर्थन मूल्य 2100 करने के लिये पहल करेगी. ऐसा हुआ भी.

डॉ. रमन सिंह ने राज्य की तीसरी बार बागडोर संभालते ही प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर धान का समर्थन मूल्य 2100 रूपए प्रति क्विंटल करने के लिए पत्र लिखा है. डॉ. सिंह ने शपथ ग्रहण करने के बाद मंच पर ही प्रधानमंत्री को धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए भेजे जाने वाले पत्र पर मुख्यमंत्री के रूप में पहला हस्ताक्षर किया. मुख्यमंत्री के पत्र पर हस्ताक्षर के बाद उसी दिन ही उसे रवाना कर दिया गया.

रमन सिंह का कहना था कि हम अपने प्रयास से जो कुछ कर सकते हैं, उससे पीछे नहीं हटे हैं. प्रधानमंत्री जी को हमने लिखा है कि वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2013-14 के लिए धान का प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य 21 सौ रुपए निर्धारित किया जाए, जिससे सेंट्रल पूल के लिए दिए जाने वाले धान के लिए किसानों को राज्य सरकार की ओर से घोषित तीन सौ रुपए प्रति क्विंटल का बोनस मिलाकर धान पर 24 सौ रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिल सके. अब कांग्रेस को चाहिए कि वह इस दिशा में प्रयास करे.

लेकिन जब इस दिशा में केंद्र ने कोई कार्रवाई नहीं की तो राज्य सरकार ने सारा मामला केंद्र के पाले में डाल दिया. इस साल राज्य सरकार ने 1310 रुपए और 1345 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की और 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने का किसानों का सपना भरभरा कर टूट गया.

अब जबकि केंद्र में भी भाजपा की ही सरकार है तो माना जा रहा है कि रमन सिंह की सरकार अपने वादे पर पूरी तरह से खरी उतरेगी और किसान धान पर 2100 रुपये का समर्थन मूल्य पा सकेंगे.


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