विचाराधीन कैदी को खुद का मुचलका

कांकेर | समाचार डेस्क: जिन कैदियों की विचाराधीन रहते आधी सजा पूरी हो गई है वे खुद के मुचलके पर छूट सकते हैं. कांकेर जेल में मंगलवार को विधिक सेवा प्राधिकरण के जिला सचिव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कमलेश जगदल्ला ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार है.

बंदी को भी विधि के समक्ष समानता व जीवन की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है. वे केवल न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही बंदी बनाये जा सकते हैं.

उन्होंने आगे कैदियों को बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेशानुसार ऐसे बंदी जिनकी प्रकरणों में जमानत हो चुकी है, वे जमानत बंधपत्र नहीं पेश करने के कारण जेल में हैं, तो वे खुद का मुचलका पेश कर सकते हैं.

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी से लेकर निराकण तक मांग करने पर प्राधिकरण से कानूनी सहायता व अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है. हर कोर्ट में रिमांड अधिवक्तों की नियुक्ति की गई है.

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