पेट्रोल 64.49, डीजल 58.01 हुआ

रायपुर | समाचार डेस्क: पेट्रोल-डीजल के दाम ऐसे बढ़े हैं कि 3-4 बार की कटौती वापस हो गई है. इसका सीधा असर एक तरफ जहां आवागमन के साधनों के महंगे हो जाने के रूप में सामने आयेगी दूसरी तरफ इससे सब्जियों, अनाज तथा अन्य उत्पादों के परिवहन का खर्च भी बढ़ जायेगा. नतीजन और मूल्य व-द्धि के रूप में सामने आयेगी. जहां एक तरफ केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी का असली तोहफा दिया है वहीं दूसरी तरफ से लोगों को लगा है एक बड़ा झटका. झटका इसलिए क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है. जहां पेट्रोल के दाम में 3 रुपये 38 पैसे की बढ़ोतरी की गई है वहीं डीजल के दामों में 2 रुपये 67 पैसे का इजाफा कर दिया गया है. बढ़ी हुई कीमतें आधी रात से लागू हो गई हैं.

कीमतें बढ़ने के बाद दिल्ली में पेट्रोल के दाम 60.09 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 63.47 रुपये हो गए हैं और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 65.04 रुपये से बढ़कर 68.40 रुपये हो गए हैं. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 64.18 रुपये से बढ़कर 66.84 रुपये हो गए हैं वहीं दक्षिण भारत के शहर चेन्नई में पेट्रोल के दाम 59.65 रुपये से बढ़कर 63.02 रुपये हो गए हैं. इसी तरह से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल 61.14 की जगह 64.49 रु. प्रति लीटर हो गया है.

इसी तरह से दिल्ली में डीजल के दाम 50.27 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 52.94 रुपये हो गए हैं और मुंबई में डीजल 52.48 रुपये से महंगा होकर 55.15 रुपये जा पहुंचा है. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 55.81 रुपये से बढ़कर 58.48 रुपये हो गए हैं वहीं दक्षिण भारत के शहर चेन्नई में पेट्रोल के दाम 51.76 रुपये से बढ़कर 54.43 रुपये हो गए हैं तथा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डीजल के दाम 55.13 रुपये से बढ़कर 58.01 रुपये प्रति लीटर का हो गये हैं.

गौरतलब है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर 15 दिन में ईंधन कीमतों में बदलाव का ऐलान करती हैं और ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव के चलते किया जाता है. सरकार ने जबसे पेट्रोल-डीजल कीमतों को डीकंट्रोल किया है तबसे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को तेल कीमतों में बदलाव करने का अधिकार मिला है. वर्ना पहले सरकार इनकी कीमतों को नियंत्रण में रखती थी और बाद में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां को सब्सिडी का पेमेंट करती थीं.

उल्लेखनीय है कि जुलाई से अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 4 बार कटौती की गई थी, लेकिन 31 अगस्त को एक साथ पेट्रोल 3.38 रुपये महंगा कर दिया गया जिससे 3-4 बार की कटौती का फायदा आज एक झटके में वापस ले लिया गया. इससे पहले 15 अगस्‍त को तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 1 रुपये और डीजल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. तेल कंपनियों ने 31 जुलाई को पेट्रोल के दाम में 1.42 रुपये लीटर और डीजल में 2.01 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. इससे पहले 16 जुलाई को पेट्रोल की कीमत में 2.25 रुपये लीटर की कटौती की गई वहीं डीजल के दाम में 0.42 रुपये लीटर की कमी की गई थी.

तेल कंपनियों के मुताबिक रुपये-डॉलर की वर्तमान एक्सचेंज रेट के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमत में इजाफा करना जरूरी हो गया था. डीजल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से मान सकते हैं कि ढुलाई महंगी हो जाएगी जिसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा. सब्जियों, फलों से लेकर रसोई की कई चीजों और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली चीजों की ढुलाई महंगी होगी जिससे इनकी कीमतें बढ़ने का भी खतरा है.

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