प्लास्टिक के तिरंगे की मनाही

रायपुर | संवाददाता: प्लास्टिक के तिरंगे का उपयोग राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है तथा इसके लिये तीन साल के सजा का प्रावधान है. गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय तथा सांस्कृतिक और खेल-कूद समारोहों में प्लास्टिक के तिरंगे के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. इसलिये इस बार से आप अपने बच्चों को प्लास्टिक के झंडे न लाकर दें.

इसका कारण यह है कि प्लास्टिक से बने झण्डे कागज के समान बायो डिग्रेडेबल नहीं होते, अतः यह लम्बे समय तक नष्ट नहीं होते और वातावरण के लिए हानिकारक भी होते हैं. इसके अलावा प्लास्टिक से बने राष्ट्रीय ध्वज का सम्मानपूर्वक उचित निपटान सुनिश्चित करना भी एक समस्या है.


इसके लिये गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में सभी राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों, संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासकों और भारत सरकार के सभी विभागों के सचिवों को पत्र जारी कर कहा है कि प्लास्टिक के तिरंगे का उपयोग राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है और इसके उपयोग पर कड़ाई से रोक लगाई जाए तथा इस संबंध में व्यापक जन-जागरूकता भी पैदा की जाए. मंत्रालय द्वारा प्लास्टिक के तिरंगे के उपयोग करने पर तीन वर्ष तक के कारावास या जुर्माने या दोनों से दण्डित किए जाने का प्रावधान रखा गया है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके लिये इस सूचना को सार्वजनिक कर दिया है.

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