बाल्कों में 2 हजार श्रमिक गिरफ्तार

कोरबा | संवाददाता: पुलिस ने वेदांता के 2 हजार ठेका श्रमिकों को गिरफ्तार कर लिया है. बाल्को संयंत्र के सामने धरने पर बैठे करीब 2 हज़ार श्रमिको की गिरफ्तारी के बाद से इलाके में तनाव का वातावरण बना हुआ है.

गौरतलब है कि पिछले चार दिनों से वेदांता के ठेका श्रमिक समान काम के लिये समान वेतन की मांग पर हड़ताल पर हैं. घटना स्थल पर पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारी उपस्थित हैं जिनके निर्देश पर यह गिरफ्तारियां हुई हैं. घटना के बाद बाल्कों के श्रमिकों के परिवार में रोष व्याप्त है जो साथ में धरने पर बैठे थे.

अधिकांश श्रमिक सांकेतिक गिरफ्तारी और रिहाई देने के बाद भी शुक्रवार की देर रात भूखे पेट अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ ही बालको नगर के डॉ. अबेडकर स्टेडियम में प्रशासन द्वारा बनाये गये अस्थाई जेल में ही धरने पर बैठे हुये थे. इन श्रमिकों ने ऐलान किया है कि वे अपनी मांग पूरी होने तक स्टेडियम नहीं छोड़ेंगे. इधर मज़दूरों को अपना बताने वाला ज़िला प्रशासन या बालको का कोई भी प्रतिनिधि इन अस्थाई जेल में श्रमिकों की सुध लेने के लिये नहीं पहुंचा.

ज्ञात रहे कि वेदांता की बाल्को पावर प्लांट की एक यूनिट चार दिनों से ठप्प है. इसके अलावा हड़ताल से एल्युमिनियम का उत्पादन भी घट गया है. हड़ताली मजदूर न काम पर जा रहें हैं न ही अपने घर लौट रहें है वरन् वे इंटक यूनियन के बैनर तले धरने पर बैठ गयें हैं. वेदांता पावर प्लांट की हालत यह है कि अब नियमित कर्मचारियों से 12 से 14 घंटे काम लेकर संयंत्र को जीवित रखा गया है. हड़ताल के कारण पावर तथा एल्युमिना उत्पादन के काम पर असर पड़ रहा है.

वेदांता के विभिन्न संयंत्रों में कार्य करने वाले 3500 से 4000 के करीब मजदूर हड़ताल पर हैं. हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि वेदांता के बाल्कों स्थित 540 मेगावाट क्षमता के संयंत्र के 135 मेगावाट क्षमता वाली यनिट नंबर 4 मंगलवार शाम से ही ठप्प पड़ी है.

इससे पहले हड़ताल के कारण उत्पन्न समस्या से निपटने के लिये कोरबा के एसडीएम गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने त्रिपक्षीय वार्ता बुवाई थी परन्तु उसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया.

प्रशासन से यह उम्मीद की जा रही थी कि शातिपूर्ण ढ़ंग से हड़ताल पर बैठे श्रमिकों को उनके कानून सम्मत हकों को दिलवाने के लिये पहल की जायेगी परन्तु शुक्रवार को 2 हजार श्रमिकों की गिरफ्तारी से इस बात के संकेत मिलते हैं कि श्रमिकों के लिये अच्छे दिन अभी नहीं आ रहें है. हां, इतना तय है कि कम वेतन देने से वेदांता के अच्छे दिन पहले से ही चल रहे हैं, जिस पर आज की कार्रवाई ने मुहर लगा दी है.

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