SC जायेंगे पीएससी 2003 प्रभावित

बिलासपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा पीएससी 2003 की मेरिट लिस्ट दोबारा बनाने के आदेश के बाद इससे प्रभावित सर्वोच्य न्यायालय जाने की तैयारी कर रहें हैं. मिली जानकारी के अनुसार इससे प्रभावित अधिकारी बिलासपुर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से सलाह-मशविरा कर रहें हैं.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि पीएससी ने जो जवाब पेश किया है वही सरकार का जवाब है. दूसरी ओर पीएससी ने 2003 के परीक्षा में स्केलिंग में गलती स्वीकार की थी. इस कारण से कुछ जानकारों का मानना है कि सर्वोच्य न्यायालय से राहत की उम्मीद कम है.


उधर, कुछ दूसरे जानकारों का मानना है कि सरकार गलती करने वालों को सजा देने के बाद अपने विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुये प्रभावित अधिकारियों की नौकरी यथावत रख सकती है तथा नये सूची में जिन अधिकारियों का नाम आयेगा उन्हें नियुक्ति दे सकती है.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पीएससी 2003 की परीक्षा में फिर से मेरिट लिस्ट तैयार करने के लिये कहा है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एकल पीठ ने इस ऐतिहासिक फैसले में सरकार को कहा है कि वह मानव विज्ञान का यार्ड स्टिक आधार पर नये सिरे से उत्तर पुस्तिका की जांच करे.

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जो नए मेरिट लिस्ट के आधार पर चयनित नहीं होंगे उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा.

अदालत ने इस पूरी प्रक्रिया के लिये 31 अक्टूबर तक की समय सीमा निर्धारित की है. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद राज्य में पिछले 13 सालों से नौकरी कर रहे कई डिप्टी कलेक्टर और पुलिस उपाधीक्षक नौकरी से बाहर हो सकते हैं या उन्हें निचले स्तर के किसी पद पर पदावनत किया जा सकता है. ऐसे लोगों की संख्या 73 के आसपास है.

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