तंत्र-मंत्र के चक्कर में गंभीर

बिलासपुर | उस्मान कुरैशी: छत्तीसगढ़ में बलौदा बाजार भाटापारा जिले के बिलाईगढ़ इलाके में जहरीली जड़ी बुटी खाने से 26 ग्रामीणों की तबियत बिगड़ गई. जिनको उपचार के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में भर्ती कराया गया है. इनमें से एक की चिंताजनक स्थिति को देखते अपोलो रिफर किया गया है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिलाईगढ़ क्षेत्र के बोड़ा निवासी शिवलाल तंत्र मंत्र से बीमारी ठीक करने बैगा का काम करता है. वह कुछ दिनों से मोड़ा,परसापानी, सुरगुल्ली,पर्रीपथरा सहित सात आठ गावों के करीब 21 लोगों को तंत्र मंत्र से सांप और बिच्छू के जहर उतारने की ट्रेनिंग दे रहा था.

रविवार और सोमवार की दरमियानी रात इस बैगा ट्रेनिंग का आखिरी दिन था. इसके लिए तांत्रिक परंपरा के अनुसार दूध दही में जड़ी बुटी घोलकर शीत भात बनाया गया था. प्रसाद के रूप में इसका सेवन करने काफी संख्या में यहां आसपास के ग्रामीणों की मौजूदगी थी. प्रसाद खाने आधे घंटे बाद भोजन लेने से इनकी हालत बिगड़ गई. कई बीमार ग्रामीणों का उपचार रायपुर के मेकाहारा और निजी चिकित्सालयों में जारी है.

बड़ी संख्या में फूड पायजनिंग के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन का अमला भी पूरी तरह एलर्ट रहा. सिम्स परिसर में विशेष सुरक्षा के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई.

सिम्स में भर्ती 35 वर्षीय कुमार सिंह के मुताबिक शीत भात खाने से सांप बिच्छु का जहर नहीं फैलता है. बीती रात यहां मौजूद 70 -80 लोगों ने इसे खाया था. इसको खाने के आधे घंटे बाद सभी ने भोजन किया जिसके बाद लोगों की तबियत बिगड़ने लगी. उल्टी हुआ फिर पूरा शरीर ढीला पड़ गया. परिजनों को खबर की वे गाड़ी लेकर यहां पहुंचे फिर संजीवनी 108 में यहां उपचार के लिए लाया गया.

कुमार ने बताया कि वे शिवलाल के पास सांप बिच्छु का जहर उतारने मुत्रमंत्र सीखने गए थे. घटना पर सिम्स के अधीक्षक डां. मुर्ति कहते हैं कि बीती रात करीब 1 बजे बिलाईगढ़ से फूड पाइजनिंग की खबर आई थी. जिसके बाद पूरे स्वास्थ्य अमले को एलर्ट कर दिया गया था. 26 मरीजों को यहां भर्ती कराई गई है इसमें से एक के सिर में चोट होने और उसकी गंभीर हालत को देखकर अपोलो रिफर कर दिया गया है. 25 मरीजों का उपचार यहां जारी है.

इनमें से कुछ को एहतियात के तौर पर आईसीयू में रखा गया है. अभी हमारी प्राथमिकता मरीजों की जान बचाने की है. उन्हे र्प्याप्त चिकित्सा सुविधा दी जा रही है. घटना के कारणों का खुलासा पीएम रिपोर्ट और उल्टी दस्त के माइक्रो बायलाजिकल एनालिसिस से सामने आएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *