छत्तीसगढ़: 1.55 रु में सेनेटरी नेपकिन

जगदलपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर में आदिवासियों को सस्ती सेनेटरी नैपकिन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस सेनेटरी नैपकिन की लागत 55 पैसे प्रति नैपकिन पड़ रही है. इसका उद्देश्य आदिवासी महिलाओं को रोजगार देने के अलावा आदिवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी है. इसके लिये छत्तीसगढ़ सरकार के विज्ञान एवं प्राद्योगिकी विभाग ने राज्य के आदिवासी बाहुल क्षेत्र में दंतेवाड़ा जिले की तहसील गीदम के ग्राम हीरानार के एनजीओ ‘मॉ शंकनि महिला उत्थान’ केन्द्र में ग्राम तारम, हीरानार भोड़सा, छोटे तुमनार, कासोली, हितामेटा आदि ग्रामों से चयनित 23 महिलाओं कुमारी अन्ती, कुमारी पारवती, कुमारी सुनिता आदि चयनित महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन 10 दिवसीय दिया गया. प्रथम चरण में 10 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान 23 महिलाओं में से दो महिलाओं को मास्टर प्रशिक्षक के रूप में चयनित कर मास्टर प्रशिक्षक बनाया गया. इक्कीस महिलाओं को दो माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखा गया.

उक्त प्रशिक्षण प्रियांशि ऐजुकेशनल एण्ड सोशल सोसायटी, भोपाल के तकनीकी सहयोग दिया गया है. इस तरह के प्रशिक्षण का मुख्य उद्श्य यह है कि महिलाओं के ज्ञान स्तर में वृद्धि करना एवं माहवारी के समय उन्हें जिस शारीरिक व मानसिक कठिनाईयों से गुजरना पड़ता था, वो अब नहीं होगा. प्रशिक्षण अवधि में ही कई महिलाओं ने माहवारी के समय सेनेटरी नेपकिन का उपयोग करें और स्वास्थ्य व स्वच्छ रहें. इस अवसर पर उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि सेनेटरी नेपकिन के इस्तेमाल से कपड़े संभावित बीमारियों से भी मुक्ति मिलेंगी. सेनेटरी नेपकिन प्रशिक्षण से महिलाओं के स्वास्थ्य व जागरूकता का स्तर तो बढ़ रहा है साथ ही सेनेटरी नेपकिन उत्पाद को बाजार में बेचकर महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है.


उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास तकनीकी शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय की पहल पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संबंधित प्रशिक्षण संस्थान को एक लाख 72 हजार रूपए की राशि से प्रशिक्षण एवं उपकरण दिया गया, जिसके अंतर्गत प्रत्येक महिला को एक-एक सेनेटरी नेपकिन तैयार किये जाने की मशीन, पूरे समूह हेतु दो सीलिंग मशीन एवं एक स्टेरलाईंजिंग मशीन एवं आगामी 6 माह के लिये नेपकिन निर्माण हेतु कच्चा माल प्रदान किया गया.

प्रशिक्षण के दौरान नेपकिन निर्माण अध्ययन पुस्तिका भी प्रदाय की गई जो महिलाओं के लिये अत्यंत ही लाभकारी एवं उपयोगी है. अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मां शंकनि महिला उत्थान केन्द्र द्वारा तैयार की जाने वाली प्रत्येक नेपकिन पैड की लागत लगभग एक रूपए 55 पैसे आती है और आठ पैड का एक पैकेट तैयार कर प्रशिक्षण की अवधि मे स्थानीय ग्रामीण महिलाओं को इस नेपकिन की उपयोगिता के संबंध मे जागरूक करने के उद्श्य से निशुल्क किया जा रहा है.

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