छत्तीसगढ़: कृषि-किसान प्राथमिकता

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मंगलवार अपनी सरकार के वर्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया. उन्होंने कहा कि कृषि और किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. छत्तीसगढ़ की सरकार गांव, गरीब और किसानों की सरकार है. पिछले बारह वर्षों में पहली बार छत्तीसगढ़ के किसानों को अकाल की स्थिति का सामना करना पड़ा है.

उन्होंने कहा कि किसानों की दिक्कतों को राज्य सरकार ने गंभीरता से महसूस किया है. इस वजह से चालू वित्तीय वर्ष के लिए दो हजार 273 करोड़ रूपए के द्वितीय अनुपूरक बजट में सर्वाधिक एक हजार 350 करोड़ रूपए का प्रावधान सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए और संभावित पेयजल संकट की स्थिति में आवश्यक उपाय करने के लिए किया गया है. कुल अनुपूरक बजट का 64 प्रतिशत हिस्सा किसानों के लिए है. राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए द्वितीय अनुपूरक का मुख्य फोकस किसानों को राहत प्रदान करना है.


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्तीय प्रावधान से राज्य के लगभग दस लाख किसानों को फसल हानि पर सहायता दी जा सकेगी. मुख्यमंत्री ने सूखा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों के बारे में सदन को विस्तार से जानकारी दी. मुख्यमंत्री के उद्बोधन के बाद द्वितीय अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 का मुख्य बजट कुल 67 हजार 546 करोड़ रूपए का है. प्रथम और मंगलवार को पेश किए गए द्वितीय अनुपूरक को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट का आकार 71 हजार 160 करोड़ रूपए हो गया है.

डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में बताया कि सूखा प्रभावित किसानों को उनकी बेटियों की शादी के लिए भी सहायता दी जाएगी. इसके लिए द्वितीय अनुपूरक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत राशि पंद्रह हजार रूपए से बढ़ाकर तीस हजार रूपए कर दी गई है.

सूखा प्रभावित किसान इसके लिए अपने जिले के कलेक्टर को सीधे आवेदन दे सकते हैं. कलेक्टर उनके आवेदन पर स्वीकृति प्रदान करेंगे. मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिया कि संकट की इस घड़ी में वे हिम्मत और हौसला रखें, सरकार अन्नदाता किसानों के साथ है.

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