शिवलिंग के संरक्षण के लिए धन नहीं

रायपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के सिरपुर में उत्खनन के दौरान प्राप्त दो हजार वर्ष पुराने शिवलिंग के संरक्षण के लिए सरकार के संस्कृति और पुरातत्व विभाग के पास धन नहीं है. सिरपुर में साइट नंबर 15 की खुदाई के दौरान मिले मंदिरों के अवशेषों के बीच चार फुट लंबा और 2.5 फुट व्यास वाला शिवलिंग शासन की उपेक्षा और प्रशासनिक अक्षमता का शिकार हो रहा है.

विभाग के संचालक की मानें तो धनाभाव के कारण इस ऐतिहासिक और धार्मिक भावनाओं से जुड़े शिवलिंग की देखरेख करने में परेशानी आ रही है. पर्यटन मंडल भी इसकी ब्राडिंग करने में अक्षम साबित हो रहा है.

अव्यवस्था का आलम यह है कि खुदाई में निकले शिवलिंग की स्थिति बताने के लिए सिरपुर में कोई सूचना पट्टी तक नहीं लगाई गई है और न ही खुदाई स्थल पर कोई संकेतक या साइन बोर्ड है. यही नहीं सुदूर ग्रामीण इलाके में स्थित इस शिवलिंग स्थल के चारों ओर कोई चारदीवारी भी नहीं है. सुरक्षा की दृष्टि से यहां न तो कोई सुरक्षाकर्मी है और न ही कोई गाइड नियुक्त किया गया है.

सिरपुर उत्खनन के निदेशक अरुण शर्मा ने कहा, “इस स्थान को राज्य शासन अपने संरक्षण में ले, इसके लिए मैंने राज्य शासन से अनुरोध किया है. पुरातत्व विभाग को भी पत्र लिखा है. इसके बावजूद उनकी ओर से अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है.”

संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि विभाग के पास खुदाई से निकले धार्मिक अवशेषों को संरक्षित करने के लिए कोष की कमी नहीं है.

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