छत्तीसगढ़ की सभी बेटियां स्कूल पहुंचें

रायपुर | एजेंसी: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा कि प्रदेश की हर बेटी के हाथ में ज्ञान की मशाल देनी होगी. इस बात का संकल्प लेना होगा कि शत प्रतिशत बेटियां स्कूल पहुंचें और पढ़ाई करें. स्मृति अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इंडोर स्टेडियम में आयोजित महिला सशक्तीकरण उत्सव में मुख्य अतिथि की आसंदी से बोल रही थीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की. इस अवसर पर प्रदेश की 40 महिलाओं का सम्मान भी किया गया.

उन्होंने कहा कि देश में पुरुषों की साक्षरता 80 फीसदी हो चुकी है, जबकि महिलाएं अभी 64 फीसदी साक्षर हैं. हमें संकल्प लेना होगा कि शत प्रतिशत महिलाएं साक्षर बनें. इसके लिए बेटियों के हाथों में ज्ञान की मशाल देनी होगी. उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं जिसमें बेटी की कक्षा पहली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी, की तारीफ भी की.

स्मृति ने साक्षरता कर्मचारियों की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन धन योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों का बैंक में खाता खोलने का लक्ष्य दिया गया था. साक्षरता मिशन कर्मियों ने देश में एक करोड़ खाते खुलवाने में मदद की है. इसका नतीजा है कि पिछले तीन चार महीने में 99.99 फीसदी लोगों का जनधन योजना के तहत खाता खुल गया. ऐसा स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है.

ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘शहर स्कूल में, हर घर में शौचालय’ बनाने की स्कीम की तारीफ करते हुए कहा कि टॉयलेट ऐसा विषय है, जिसके बारे में बेटी अपने पिता से बात नहीं कर सकती, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने बेटियों की फिक्र की. मंत्री ने कहा कि कोई सोच भी नहीं सकता था कि स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री इस बात की चर्चा करेंगे.

स्मृति ने कन्या भ्रूणहत्या को अद्भुत विडंबना बताया. उन्होंने कहा कि जिस देश में महिला सशक्तीकरण के लिए दिवस मनाते हैं, नवरात्रि में माता के रूप में पूजते हैं, उसे ही गर्भ में मार देते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत में ऐसा दिन जरूर आएगा, जब कन्या भ्रूणहत्या खत्म हो जाएगी, किसी महिला या लड़की से दुष्कर्म नहीं होगा.

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