’मां’ सबसे बड़ी मैनेजमेंट गुरू

बिलासपुर | संवाददाता: ’मां’ दुनिया में सबसे बड़ी और सक्षम मैनेजमेंट गुरू होती है. जो पैदा होने के बाद डॉक्टर, टीचर और केयरटेकर सभी भूमिकाओं को बेहतरीन तरीके से निभाती है. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग के संभागायुक्त सोनमणि बोरा ने ये बातें छत्तीसगढ़ के गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्यन विभाग के ओरिएंटेशन कार्यक्रम के समापन अवसर पर कही.

प्रबंध अध्ययन विभाग के सभाकक्ष में दोपहर में दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया. जिसमें सोनमणि बोरा ने कहा कि “मैने गुरू घासीदास विश्वविद्यालय में बतौर रजिस्ट्रार करीब डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी हैं, ऐसे में यहां आना मेरे अपने दूसरे घर में आने जैसा महसूस कराता है. साथ ही यहां आने पर मुझे प्रसन्नता हो रही है और भविष्य में भी मैं यहां आता रहूंगा.”


उन्होंने नव प्रेवषित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में समय, साधन, तैयारी और तनाव सभी के लिए प्रबंधन आवश्यक है. ऐसे में विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए आप सभी को इसका सैद्धांतिक और प्रायोगिक ज्ञान दोनों ही उपलब्ध होंगे. सोनमणि बोरा ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में आपकों सर्वश्रेष्ठ होने की जरूरत है इसके लिए देखकर, सुनकर और पढ़कर सभी तरह से अपने ज्ञानचक्षुओं को सजग रखने की आवश्यकता है. सोनमणि बोरा ने विश्वविद्यालय की केन्द्रीय लायब्रेरी की तारीफ करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को इसका भरपूर लाभ लेना चाहिए.

इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमएसके खोखर ने सोनमणि बोरा के नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि सोनमणि बोरा के रजिस्ट्रार रहने के दौरान विश्वविद्यालय ने कई नई उंचाईयों को छुआ. उन्होंने कहा विद्यार्थियों को सोनमणि बोरा को बतौर रोल मॉडल देखना चाहिए. प्रोफेसर खोखर ने कहा कि पर्यावरण को प्रेम करने वाले श्री बोरा ने पिछले
बिलासपुर प्रवास के दौरान कई अहम कार्य कराएं हैं. श्री खोखर ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय को श्री बोरा का सहयोग पूर्व की भांति ही मिलता रहेगा.

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