छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल करायेंगे

भिलाई: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना के लिये सरकार प्रयासरत है और जल्दी ही इसमें सफलता मिलेगी. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा का अपना रचना संसार इतना समृद्ध है कि इसे आठवीं अनुसूची में स्थान मिलना ही चाहिये.

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के एक कार्यक्रम में कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर देश के इस पिछड़े अंचल को विकास की राह पर आगे बढ़ने का अवसर और अधिकार दिया. राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य सहित हमारी कला-संस्कृति के विकास में भी तेजी आयी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनभावनाओं के अनुरूप आम जनता की बोलचाल की भाषा छत्तीसगढ़ी को राज भाषा का दर्जा देकर इसका गौरव बढ़ाया है. अब इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के भी प्रयास किए जा रहे हैं. सबके सहयोग से हम इसमें भी जरूर कामयाब होंगे.


उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ी एक अत्यन्त समृध्द भाषा है, जिसका अपना साहित्य है. छत्तीसगढ़ी भाषा के और अधिक विकास के लिए लेखकों और कवियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. मुख्यमंत्री ने इसके लिए उनसे आग्रह किया कि वे अपना साहित्य सृजन लगातार जारी रखें. आयोजन में राज्य के सभी जिलों के साहित्यकार बड़ी संख्या में शामिल हुए.

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