कोरबा में करुमहुआ जलाशय घोटाला

कोरबा | अब्दुल असलम: कोरबा में जलसंसाधन विभाग के 4 अधिकारी सहित ठेकेदार के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किसानों के फसल में पानी देने बनाया गया करुमहुआ जलाशय में हुये लाखों के घोटाले के मामले मे कोर्ट के आदेश के बाद जलसंसाधन विभाग के चार अधिकारियो सहित एक ठेकेदार के खिलाफ बालको नगर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया हैं.

दरअसल छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बालको नगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2007 में करुमहुआ जलाशय का निर्माण किया गया था. जिसमें रायपुर की कंपनी सुभम बिल्ड कॉन को निविदा दी गयी थी. जलाशय 1 करोड 34 लाख की लागत से बनाया जाना था. गौरतलब है कि सुभम बिल्ड कॉन ने इसका उपठेका दिनेश मिश्रा नामक ठेकेदार को दे दिया था.

छत्तीसगढ़ के आरटीआई कार्यकर्ता अमरनाथ अग्रवाल ने आरटीआई से मिले दस्तवेजो से घोटाले को उजागर किया था कि वहां अवैध रुप से अधिकारियो की मिली भगत कर ठेकेदार ने 361 वृक्ष काट दिये थे.इसके अलावा आरटीआई से खुलासा हुआ कि बिना काम के लाखों का भुगतान कर शासकीय राशि की बंदर बाट की गयी थी.

जिसकी शिकायत कलेक्टर, एसपी और बालको नगर थाना में की गयी थी. लेकिन 2 सालों मे कोई कारवाई नहीं होने पर जेएमएफसी कोर्ट में परिवाद आरटीआई कार्यकर्ता अमरनाथ अग्रवाल ने लगाई थी. जिस पर भी कोर्ट को जवाब देने के लिये पुलिस समय की मांग रही थी.

इसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता अमरनाथ अग्रवाल ने न्यायालय की अवमानना का आवेदन कोर्ट में लगाया गया. जिसके बाद कोर्ट ने जलसंसाधन विभाग के तत्कालीन प्रमुख अभियंता बीसी राय, ईई राजाराम सारथी, एसडीओ शिव नारायण, सब इंजीनियर एसके गुप्त तथा ठेकेदार दिनेश मिश्रा के खिलाफ विभिन्न धारा के तहत बालको नगर थाना में अपराध दर्ज किया गया. जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी करने की बात बालकोनगर पुलिस कर रही हैं.

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