कोयला खदानों में छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक मौत

रायपुर | संवाददाता: कोल इंडिया में सबसे अधिक मौत छत्तीसगढ़ के एसईसीएल में होती है. पिछले साल पूरे देश भर में सहायक कंपनियों समेत कोल इंडिया की अलग-अलग इकाइयों में 43 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें 15 लोग केवल एसईसीएल में मारे गये थे.

साउथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड यानी एसईसीएल में पिछले कुछ सालों में दुर्घटना और होने वाली मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता चला गया है.


कोयला मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 2015 में देश भर के कोयला खदानों में कुल 38 दुर्घटनायें हुई थीं. इनमें से 10 केवल एसईसीएल में हुये थे. इसी तरह 2016 में 38 में से 8, 2017 में 34 में से 7 और 2018 में 33 में से 12 दुर्घटनायें एसईसीएल में हुई थीं. यह देश में सबसे अधिक है.

इसी तरह इन सालों में मौत के आंकड़े भी गहराये हैं.

2015 में कोल खदानों में होने वाली दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 38 थी, जिसमें 10 लोग एसईसीएल के शामिल थे. इसी तरह 2016 में 61 में से 9, 2017 में 37 में से 9 और 2018 में 43 में से 15 लोग एसईसीएल के शामिल थे.

गंभीर दुर्घटना की बात करें तो 2015 में 137 में से 35, 2016 में 120 में से 27, 2017 में 108 में से 36 और 2018 में 87 में से 18 गंभीर दुर्घटनायें छत्तीसगढ़ के एसईसीएल में हुई थीं.

कोल इंडिया में होने वाली दुर्घटनाओं में गंभीर चोट का रिकार्ड बनाने में भी एसईसीएल पीछे नहीं है. 2015 में 141 में से 36, 2016 में 123 में से 29, 2017 में 108 में से 36 और 2018 में 96 में से 19 घटनायें एसईसीएल के नाम है.

कोल मंत्रालय का दावा है कि कोल इंडिया में हादसों को रोकने के लिये सरकार ने हरेक मामले की जांच कराई है. जिससे की भविष्य में होने वाली ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके. लेकिन छत्तीसगढ़ में होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में पिछली घटनाओं से सबक लेने की कोशिश नहीं हुई है. यही कारण है कि ऐसे हादसों के आंकड़े कम नहीं हुये हैं.

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