कोयला नीलामी का मसौदा सार्वजनिक

नई दिल्ली | एजेंसी: मोदी सरकार कोल ब्लॉकों की नीलामी के मुद्दे पर फूंक-फूंककर कदम रख रही है. अब कोयला ब्लॉकों को नीलाम किये जाने के दिशा-निर्देशो पर सार्वजनिक मंचों पर बहस कराई जायेगी. इसे कहते हैं दूध का जला छाछ को ठंडा करके पीता है. उल्लेखनीय है कि यूपीए सरकार के मंत्री तथा प्रधानमंत्री तक कोल ब्लॉक के आवंटन की आंच पहुंच गई थी. कोयला मंत्रालय ने बुधवार को सिर्फ 74 कोयला ब्लॉकों को निर्दिष्ट आखिरी उपयोगकर्ताओं को नीलामी का मसौदा दिशा-निर्देश जारी कर दिया. इस पर आम राय जुटाने के लिए मसौदे को सार्वजनिक मंच पर रखा जाएगा.

राष्ट्रपति ने एक अध्यादेश जारी किया है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रद्द किए गए 214 कोयला ब्लॉकों की फिर से नीलामी की अनुमति दी गई है.

कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, “आधार मूल्य पर अधिकारी विचार कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर तक आधार मूल्य तय कर लिया जाएगा, जबकि नीलामी शुल्क कोयला खदानों के भूगर्भीय भंडार पर आधारित होगा.

कोयला ब्लॉक की नीलामी 11 फरवरी 2015 को होनी है. मंत्रालय को तीन मार्च, 2015 तक आवंटन की तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो जाने और आवंटन का प्रमाणपत्र 16 मार्च तक जारी हो जाने की उम्मीद है.

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर में 214 कोयला ब्लॉकों के लाइसेंस रद्द कर दिए थे. इन ब्लॉकों का आवंटन 1993 से 2010 के बीच किया गया था.

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