31 फीसदी मंत्रियो पर आपराधिक मामले

नई दिल्ली | एजेंसी: मोदी सरकार के 31 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले चल रहें हैं. इसके अलावा नरेंद्र मोदी कैबिनेट में रविवार को शामिल होने वाले 21 नए मंत्रियों में 8 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, इनमें हत्या के प्रयास जैसे मामले भी शामिल हैं. इस बात की जानकारी चुनाव सुधार के लिए काम करने वाले एक एनजीओ ने दी. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, एडीआर ने सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मोदी सरकार में आपराधिक मामलों में आरोपी कुल मंत्रियों की संख्या 20 याने 31 फीसदी है.

विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रधानमंत्री समेत 66 मंत्रियों में से 64 के हलफनामों का विश्लेषण किया जा चुका है जबकि सुरेश प्रभु और बीरेंद्र सिंह की छानबीन नहीं की जा सकी है क्योंकि वह अभी तक किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं.

विज्ञप्ति के मुताबिक, “कुल 11 याने 17 फीसदी मंत्रियों पर संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और चुनावी उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं.”

विज्ञप्ति में साथ ही कहा गया, “आगरा संसदीय क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले रामशंकर कठेरिया पर हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है. साथ ही बाकी मंत्रियों में झांसी से सांसद उमा भारती पर भी हत्या के प्रयास, भारतीय दंड संहिता की धारा 307 का मामला चल रहा है.

विज्ञप्ति में कहा गया कि हाल ही में सरकार में शामिल हुए मंत्रियों में आंध्र प्रदेश से तेलुगू देशम पार्टी से राज्यसभा सांसद वाई. एस. चौधरी के पास सबसे अधिक 189.69 करोड़ रुपये की संपत्ति है. इसके बाद हजारीबाग से सांसद जयंत सिन्हा, भाजपा के पास 55.67 करोड़ की संपत्ति है और गौतमबुद्ध नगर से सांसद महेश शर्मा, भाजपा के पास 47.43 करोड़ की संपत्ति है. इस विज्ञप्ति के अनुसार मोदी सरकार के 64 मंत्रियो में से 59 याने 92 फीसदी करोड़पति हैं.

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