भाजपा के निशाने पर, केजरीवाल

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता: दिल्ली में आप दिल्ली के मुद्दे उठा रही है वहीं, भाजपा के निशाने पर केजरीवाल तथा आप हैं. आम आदमी पार्टी के संयोजक तथा पूर्व मुख्यमंत्री पर प्रधानमंत्री मोदी तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं. इन प्रचारों में आम आदमी पार्टी की आलोचना करने के बजाये प्रचार को अरविंद केजरीवाल के खिलाफ केन्द्रित कर दिया गया है. केजरीवाल पर भ्रष्ट्राचार से लेकर झूठ बोलने तक के आरोप लगाये गये हैं. केजरीवाल के खिलाफ हमलों की कमान स्वंय प्रधानमंत्री मोदी ने संभाल रखी है. जाहिर है कि इससे ऐसा संदेश जा रहा है मानो चुनाव फिर से मोदी तथा केजरीवाल के बीच में हो रहा है. इससे बचने के लिये भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कहना पड़ा, “हालांकि यह सच है कि भारत सरकार के अच्छे कामों का चुनावों पर प्रभाव पड़ेगा, लेकिन एक राज्य का चुनाव केंद्र के कार्यो पर जनमत संग्रह नहीं माना जा सकता.”

केजरीवाल पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को जहां आप को बेशर्म कहा, वहीं केजरीवाल ने सरकार को चुनौती दी कि यदि वह वाकई में मनीलांडरिंग के दोषी हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए. चुनाव में अब केवल तीन दिन शेष बचे हैं. चुनाव सर्वेक्षण करने वालों का दावा है कि अबकी सरकार केजरीवाल ही बनाएंगे. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी पर हमले के लिए कोई भी शब्द नहीं छोड़ना चाहती.


इसके बाद बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी कहा, “यहां जुटी भारी भीड़ को मैं देख रहा हूं. यह उन सभी जनसभाओं से बड़ी है, जिसे मैंने लोकसभा चुनाव के पहले संबोधित किया था. यह संकेत देता है कि हवा का रुख किस ओर है.” प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा “पूरी दुनिया भारत को एक महत्पूर्ण शक्ति के रूप में देख रही है और ऐसा केवल आपके द्वारा दिए गए मतों की वजह से हो रहा है, जिसने बहुमत के साथ केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई.” उन्होंने कहा, “अस्थिर सरकार मत लाइए. यह देश की राजधानी है. इसका भविष्य अधर में नहीं लटकना चाहिए. कृपया प्रगति और भाजपा के लिए अपना मत दीजिए.”

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “दिल्ली चुनाव दो विचारधाराओं पर लड़ी जा रही है, पहले जिसने अपने वादे पूरे किए और दूसरा जिसने वादे किए और कभी पूरे नहीं किए.” उन्होंने कहा, “क्या आपने नहीं कहा था कि आप कभी राजनीति में नहीं उतरेंगे? तब आप राजनीति में क्यों आए? आपने अपने बच्चों की कसम खाई थी कि किसी के समर्थन से सरकार नहीं बनाएंगे, मगर सरकार बनाने के लिए आपने कांग्रेस का समर्थन लिया.” शाह ने कहा, “आपने ने कहा कि कभी सरकारी बंगला और कार नहीं लेंगे, लेकिन 49 दिन के अंदर वैगन-आर कार से लेकर एसयूवी तक में घूमने लगे. अगर वे पांच साल सत्ता में रहते, तो वे अपने घरों के आगे विमान उतार लेते.”

अमित शाह ने गुरुवार को चंदे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा और वादों से मुकरने पर सवालिया निशान लगाया. उन्होंने कहा, “आप का कहना है कि उसको मिले सभी चंदे की जांच यह कमेटी करेगी, इसने पचास लाख रुपये के चंदे का पता नहीं लगाया.” उन्होंने कहा, “आप लोगों से किए गए वादे पूरे न करने को लेकर जवाबदेह है. पार्टी ने कहा था कि वह हर सप्ताह एक जनासभा आयोजित करेगी, लेकिन यह नहीं हुआ, इसने कहा कि इसका कोई भी मंत्री विशेष श्रेणी में यात्रा नहीं करेगा, लेकिन यह भी नहीं हुआ. आप नेता ने कहा कि वे कभी बंगला नहीं लेंगे, लेकिन वे इससे पलट गए.”

जाहिर है कि दिल्ली विधानसभा का चुनाव महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर तथा झारखंड के चुनाव से ज्यादा राजनीतिक महत्व का है. इसी कारण से भाजपा ने दिल्ली विधानसभा के 70 सीटों पर अपने मंत्रियों तथा सांसदों को झोंक दिया है. देश की राजधानी होने के कारण इसके चुनाव परिणाम पर पूरे देश की नजर लगी हुई है. 10 फऱवरी को जाकर ही इस बात का खुलासा होगा कि भाजपा की रणनीति कहां तक सफल हुई है.

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