‘आप’ संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: दिल्ली हाई कोर्ट ने संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के ‘आप’ सरकार के 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी है. इस फैसले के बाद इन संसदीय सचिवों को अपने पद से त्याग-पत्र देना पड़ सकता है. हालांकि, दिल्ली की ‘आप’ सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट में जाने का रास्ता खुला हुआ है.

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली सरकार के संसदीय सचिवों को लाभ के पद से बाहर रखने के विधेयक को मंजूरी देने से इंकार कर दिया था. उसी समय से इस बात के कयास लगाये जा रहे थे कि इन संसदीय सचिवों को लाभ के पद पर रहने के लिये उनके पद से हटाया जा सकता है.


दिल्ली का ‘आप’ सरकार द्वारा संसदीय सचिवों की नियुक्ति का विपक्ष ने विरोध किया था तथा इसे लाभ का पद बताया था. वहीं, आम आदमी पार्टी ने “संसदीय सचिव विधेयक बिल” के पास न होने पर केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार मानते कहा था कि इन 21 विधायकों को किसी तरह की आमदनी, सुविधा, गाड़ी, बंगला जैसी सुविधायें पार्टी नहीं दी जा रही है.

आम आदमी प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा था, “वे अपने ख़र्चे पर जगह-जगह काम कर रहे हैं. ऐसे में मोदी जी ये चाहते हैं कि विधायक घर बैठ जायें तो मोदी जी न तो ख़ुद काम करना चाहते हैं और न हमारे विधायकों को काम करने देना चाहते हैं.” यह मामला आम आदमी पार्टी के लिये मुसीबत बन सकती है यदि विधायकों को अपने विधायकी से हाथ धोना पड़ता. यदि ऐसी स्थिति आती है तो उनका दोबारा विधायक के रूप में चुना जाना एक चुनौती के रूप में ‘आम’ के सामने होगा.

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