‘धर्म संकट में’ पर सकट

गाजियाबाद | समाचार डेस्क: फिल्म ‘धर्म संकट में’ पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इसका कथित हिंदू युवा वाहिनी ने विरोध करना शुरु कर दिया है. हिंदू युवा वाहिनी की मुख्य आपत्ति है कि इस फिल्म में संत समाज को बदनाम करने की कोशिश की गई है. ‘पीके’ पर उठा विवाद थमने के बाद अब एक और फिल्म पर बखेड़ा शुरू हो गया है. हिंदू युवा वाहिनी, हियुवा ने शुक्रवार को फिल्म ‘धर्म संकट में’ पर हिंदू धर्म व संत समाज को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए फिल्म के पोस्टर जलाए और विरोध प्रदर्शन किया. हियुवा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की.

वाहिनी के मेरठ मंडल सहप्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि निर्देशक फवाद खान की फिल्म ‘धर्म संकट में’ में हिंदू भावनाओं तथा संत समाज को अपमानित करते हुए दिखाया गया है. उन्होंने बताया कि फिल्म के हीरो नसीरूद्दीन शाह फिल्म में एक संत की भूमिका निभा रहे हैं, मगर फिल्म में उन्हें महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें करते हुए दिखाया गया है.


उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में संत हमेशा पूजनीय तथा हिंदू धर्म के मार्गदर्शक रहे हैं. लेकिन इस फिल्म में संतों का जो रूप दिखाया गया है, उसमें हिंदू धर्म की भावनाओं को आहत तथा संत समाज को बदनाम करने की कोशिश की गई है. यह हिंदू धर्म के साथ सोची-समझी साजिश है.

वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस फिल्म को दिखया जाना गाजियाबाद में जल्द नहीं रोका गया तो वे खुद सिनेमाघरों पर पहुंचकर फिल्म को बंद कराएंगे.

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