सरकार नहीं लगा सकती पोर्न साइटों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली: पोर्न वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने के एक मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने जवाब में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय पॉर्न साइटों पर उसका नियंत्रण नहीं है इसीलिए इन पर रोक लगाना संभव नहीं है. सरकार के इस जवाब से नाराज़ सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि अगर विदेशों में ऐसी साइटों पर रोक लग सकती है तो भारत में इन्हें प्रतिबंधित क्यों नहीं किया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अलग-अलग मंत्रालयों से चर्चा कर इसके लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं और केंद्र को मामले में अपना जवाब चार हफ्तों के भीतर देने को कहा है.

गौरतलब है कि इससे पहले पॉर्न साइटों को प्रतिबंधित करने की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. इसमें याचिकाकर्ता का कहना था कि वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 इस मामले में सक्षम नहीं है और इन अश्लील साइटों पर रोक लगाने के लिए एक नया कानून बनाया जाना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले जून महीने में सरकार ने 39 पॉर्न साइटों पर बैन लगा दिया था. जिन वेबसाइटों को प्रतिबंधित किया था, वे साइटें विदेशों से होस्टेड थी और अमरीकी कानून की धारा 18 यूएससी 2257 के तहत संचालित होती है.

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