इसलिए मारा पटेल को-गुड्सा

रायपुर | विशेष संवाददाता: नक्सली प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने नंद कुमार पटेल की हत्या का जायज़ ठहराया है. सीपीआई माओवादी ने कहा है कि उसने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल को इसीलिए मारा है क्योंकि वो बस्तर में दमनचक्र चलाने में आगे रहे थे.

सीपीआई माओवादी के दंडकारण्य विशेष ज़ोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने मीडिया को जारी एक बय़ान में कहा है कि ये भी किसी से छिपी हुई बात नहीं कि लम्बे समय तक केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रहकर गृह विभाग समेत विभिन्न अहम मंत्रालयों को संभालने वाले वीसी शुक्ल भी जनता के दुश्मन है, जिन्होंने साम्राज्यवादियों, दलाल पूंजीपति और ज़मींदारों के वफादार प्रतिनिधि के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने और लागू करने में सक्रिय भागीदारी की.

उसेंडी ने अपने बयान में कहा है कि 1996 में बस्तर में छठवीं अनुसूची लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था. हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था, लेकिन उस समय की हमारी पार्टी भाकपा (माले) (पीपल्स वार) ने भी उसमें सक्रिय रूप से भाग लेकर जनता को बड़े पैमाने पर गोलबंद किया था.

उसेंडी का कहना है कि महेंद्र कर्मा ने उस आंदोलन का विरोध किया था. कर्मा पर आरोप लगाते हुए गुड्सा उसेंडी ने इस बायान में कहा है कि कर्मा एक सामंती मांझी परिवार के सदस्य रहे हैं और मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ कर्मा के तालुल्कात इतने गहरे थे कि मीडिया में कर्मा को रमन मंत्रिमंडल का सोलहवां मंत्री कहा जा रहा था.

गुड्सा उसेंडी ने सलवा जुड़ूम को लेकर कहा है कि कुल एक हजार से ज्यादा लोगों की हत्या कर, 640 गांवों को कब्रगाह में तब्दील कर, हजारों घरों को लूट कर, मुर्गों, बकरों, सुअरों आदि को खाकर और दो लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित कर, 50 हजार से ज्यादा लोगों को बलपूर्वक राहत शिविरों में घसीटकर सलवा जुडूम जनता के लिए अभिशाप बना था.

उसेंडी ने आरोप लगाया है कि बस्तर में जो तबाही मचाई गई और जो क्रूरता बरती गई उसकी तुलना में इतिहास में बहुत कम उदाहरण मिलेंगे. इस बयान में गुड्सा उसेंडी ने कहा है कि कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला कर के सीपीआई माओवादी ने एक हज़ार से ज्यादा आदिवासियों का तो बदला ले लिया है जिनके सलवा जुड़ूम के गुंडो और सरकारी सशस्त्र बलों के हाथों हत्या हुई थी.

गुड्सा उसेंडी ने कहा है कि परिवर्तन यात्रा पर पूरे हमले में हमारा लक्ष्य महेंद्र कर्मा तथा कुछ अन्य लोगों का खात्मा करना था. लेकिन इस हमले में कुछ निर्दोष लोग भी मारे गए. सीपीआई माओवादी ने इन निर्दोष लोगों की हत्या पर खेद व्यक्त किया है

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