ओलिव ऑयल से कोलेस्ट्राल में कमी

न्यूयॉर्क | एजेंसी: दिल की बीमारी में जैतून का तेल आपका मददगार साबित हो सकता है. हालांकि, यह हमारे देश में महंगा मिलता है परन्तु इससे दिल को लाभ पहुचता है. जब मामला दिल का हो तो कैसे कीमत से समझौता किया जा सकता है. जैतून के तेल में पाई जाने वाली वसा ‘ओलीट’, ईंधन के समुचित चयापचय को बहाल कर सकती है, जिससे हृदयाघात से बचा जा सकता है.

इस विषय पर हुए एक अध्ययन के वरिष्ठ लेखक, अमरीका के शिकागो स्थित युनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस के ई.डगलस लेवांडोस्की ने बताया, “यह अध्ययन का एक और सबूत देता है कि ओलीट जैसे स्वस्थ वसा का सेवन, बीमारी शुरू होने बाद भी दिल के लिए सकारात्मक रूप से प्रभावी है.”


अस्वस्थ दिल, ईंधन के लिए प्रयोग होने वाली वसा को अच्छी तरह से इकट्ठा या क्रियान्वित नहीं कर पाते.

दिल के प्राथमिक ईंधन स्रोत वसा का उपयोग न कर पाने के कारण दिल की मांसपेशियों को ऊर्जा की कमी से जूझना पड़ता है.

दिल में चयापचय न हो पाने वाली वसा विषाक्त उप-उत्पादों में बदल जाती है, जिससे दिल बीमार होता है.

अध्ययन में पाया गया है कि वसा चयापचय को संतुलित रखने और विषाक्त उत्पादों को कम करने के अलावा ओलीट एंजाइमों के लिए कुछ जीन पुन: सक्रिय करता है.

लेवांडोस्की ने बताया, “इस सामान्य वसा के सेवन से लाभदायक जीन बहाल हो सकते हैं. यह परिणाम काफी रोमांचक है.”

शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया कि चूहों के अस्वस्थ दिल ओलीट की आपूर्ति पर कैसी प्रतिक्रिया करते हैं.

शोधकर्ताओं ने ओलीट वसा का सेवन करने वाले चूहों के दिलों में त्वरित सुधार देखा.

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