छत्तीसगढ़ में हेलमेट अनिवार्य हुआ

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में दोपहिया वाहन चालकों और उनके साथ पीछे बैठने वाले के लिये हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. गौरतलब है कि केन्द्र तथा राज्य सरकार देश और प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और उनमें हो रही मृत्यु की घटनाओं की वृद्धि से चिन्तित है. एक सर्वेक्षण के अनुसार सड़क हादसों में दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठे उनके सहयात्रियों की मृत्यु सिर में लगने वाली गंभीर चोटों के कारण होती है और ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं.

केवल पगड़ी पहनने वाले सिक्खों, महिलाओं और बारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता से छूट दी गयी है. गौरतलब है कि मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 129 में दोपहिया वाहन चालकों और उनके साथ पीछे बैठे सवार के लिए हेलमेट पहनने का अनिवार्य प्रावधान किया गया है, लेकिन ऐसे व्यक्ति जो सिक्ख हों और सार्वजनिक स्थल पर दोपहिया वाहन चलाते समय या उस पर सवारी करते समय पगड़ी पहने हुए हों, उन्हें हेलमेट की अनिवार्यता से छूट दी गयी है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सभी दोपहिया चालकों और उनके सहयात्रियों से इस नियम का गंभीरता से पालन करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर व्यक्ति का जीवन अनमोल है और उसकी सुरक्षा का ध्यान रखना सरकार की भी जिम्मेदारी है. इसे ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने हेलमेट को अनिवार्य किया है. लोगों को इसमें सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए.

छत्तीसगढ़ सरकार ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे अपने मातहत चेकिंग अधिकारियों के माध्यम से सभी दोपहिया वाहन चालकों और उनमें पीछे बैठने वाले व्यक्तियों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करें और एक सप्ताह तक समझाइश दें. इस बारे में समाचार पत्रों और इलेक्ट्रानिक मीडिया के सहयोग से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए. इसके बाद हेलमेट का उपयोग नहीं करने वालों पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.

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