मसूद के खिलाफ़ रेड कार्नर नोटिस

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: इंटरपोल ने आतंकी मसूद के खिलाफ़ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है. इंटरपोल द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी करने के बाद किसी भी देश द्वारा उस व्य़क्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है. हालांकि इस बात की गारंटी नहीं है कि पाकिस्तान मसूद को गिरप्तार करेगा परन्तु इससे उस पर दबाव अवश्य बनेगा. इंटरपोल ने मसूद के भाई अब्दुल रऊफ के खिलाफ भी रेड कार्नर नोटिस जारी किया है.

उधर, भारत ने मसूद और रऊफ से पूछताछ के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम के पाकिस्तान जाने की अनुमति संबंधी ताजा पत्र लिख कर नवाज शरीफ सरकार पर दबाव बनाया है. इस मामले में एनआईए के पहले के अनुरोध पत्र पर पाकिस्तान ने चुप्पी साध रखी है.


पठानकोट हमला मामले में मसूद अजहर और रऊफ के खिलाफ एनआईए के गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद इंटरपोल ने यह नया रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. हालांकि ताजा रेड कॉर्नर नोटिस से पाक पर कुछ दबाव तो बढ़ा है, लेकिन फिर भी इसे सिर्फ औपचारिकता ही माना जा रहा है क्योंकि दोनों के खिलाफ पहले जारी नोटिस के बावजूद पाकिस्तानी आकाओं की सरपरस्ती के चलते वे खुलेआम घूम रहे हैं.

गौरतलब है कि मसूद अजहर के खिलाफ संसद और जम्मू-कश्मीर विधानसभा आतंकी हमला मामले में पहले भी रेड कार्नर नोटिस जारी हो चुका है, जबकि रऊफ के खिलाफ 1999 के आईसी-814 विमान हाईजैक मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है. रेड कॉर्नर नोटिस होने पर दोनों आतंकियों को किसी भी देश की पुलिस गिरफ्तार कर सकती है.

इंटरपोल इंडिया के मुताबिक जैश के अन्य दो आतंकी शाहिद लतीफ और कासिम जान के खिलाफ भी जल्द रेड कार्नर नोटिस जारी किया जाएगा. शाहिद लतीफ को 2010 में पाकिस्तान के साथ संबंध सुधार की कोशिश के तहत जेल से रिहा कर दिया गया था.

कश्मीर में गिरफ्तार होने के बाद वह 11 साल तक भारतीय जेल में बंद था. लेकिन लतीफ रिहा होने के बाद पाकिस्तान जाकर फिर से जैश के लिए काम करने लगा. एनआईए के मुताबिक लतीफ पठानकोट हमले के मुख्य हैंडलरों में से एक है.

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