जयललिता को कैद अगला मुख्यमंत्री कौन?

चेन्नई | समाचार डेस्क: जयललिता को जेल के बाद सवाल खड़ा होता है कि प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? वैसे वरिष्ठ मंत्री ओ पन्नीरसेल्वम का नाम जया के उत्तराधिकारी के रूप में तेजी से चल रहा है. जानकारों का मानना है कि 2001 की तरह पन्नीरसेल्वम फिर से राज्य की कमान संभाल सकते हैं. हालांकि अन्नाद्रमुक सुप्रीमो के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में परिवहन मंत्री वी सेंथिल बालाजी, बिजली मंत्री आर विश्वनाथन और पूर्व मुख्य सचिव शीला बालाकृष्णन का नाम भी चर्चा में है. गौरतलब है कि शनिवार को उन्हें विशेष न्यायालय ने उन्हें 4 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है जिससे स्वतः उनकी विधानसभा की सदस्यता समाप्त हो जाती है.

इस बीच राज्य सरकार के वरिष्ठ वकील बी. टी. व्यंकटेश ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जाने वाला व्यक्ति उच्च अदालत से सजा निलंबित किए जाने तक अयोग्य माना जाता है और वह किसी भी कार्यकारी पद पर बने नहीं रह सकता.

फिल्मी दुनिया से आकर तमिलनाडु की राजनीति में कद्दावर नेता बन चुकीं राज्य की मुख्यमंत्री जे. जयललिता को बेंगलुरू की एक विशेष अदालत ने शनिवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी करार दिया और उन्हें चार वर्ष कैद की सजा सुनाई. इस फैसले से उनके करिश्माई राजनीतिक जीवन को करारा झटका लगा है. जयललिता अपनी पार्टी एआईएडीएमके की प्रमुख भी हैं.

डीएमके महासचिव के. अनबाझगन द्वारा 1996 में आरोप लगाए जाने के बाद करीब 18 वर्ष तक चली कानूनी जंग के बाद न्यायाधीश जॉन माइकल कुन्हा ने जयललिता को दोषी ठहराया. आय के ज्ञात स्रोत से 66 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति जमा करने के इस मामले में अदालत ने जयललिता को 100 करोड़ रुपये जुर्माना भी किया है.

शनिवार के घटनाक्रम का तमिलनाडु की राजनीति पर गहरा असर पड़ने की संभावना है. मई में हुए आम चुनाव में तमिलनाडु की 39 में से 37 सीटों पर जीत का परचम फहराने में कामयाब रहीं जयललिता 2016 में होने वाले अगले चुनाव तक संभवत: अपने कार्यालय में नहीं लौट सकेंगी.

विशेष लोक अभियोजक जी. भवानी सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “यदि वे जुर्माना अदा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें एक वर्ष अतिरिक्त जेल में बिताना पड़ेगा.” सिंह ने यह भी साफ किया कि इस मामले में जमानत की अर्जी भी नहीं दी जा सकती है, क्योंकि सजा तीन वर्ष से अधिक की है. उन्होंने कहा, “जुर्माने की रकम सुनवाई के दौरान जब्त आभूषण और भूमि को बेचकर वसूली जाएगी.”

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी अनुपस्थिति में एआईएडीएमके सरकार का नेतृत्व कौन करेगा. हालांकि यह सवाल पहली बार खड़ा नहीं हुआ है.

वर्ष 2001 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था. न्यायालय ने फैसले में कहा था कि आपराधिक कृत्य में दोषी करार दिए जाने के बाद वह पद पर बने नहीं रह सकतीं.

उस वक्त अभिनेत्री से नेता बनीं जयलिलता ने वरिष्ठ मंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बनाया था.

वर्ष 2002 में मद्रास उच्च न्यायालय से बरी होने के बाद वह फिर से मुख्यमंत्री बन गईं. बाद में वह आंदीपत्ती विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गईं.

अब ताजा मामले के बाद कई मंत्रियों के नाम संभावित मुख्यमंत्री के तौर पर राजनीतिक हलकों में चर्चा के विषय बने हुए हैं. इस बात की भी अटकलें हैं कि जब तक जयलिलता कानूनी पचड़ों से मुक्त नहीं हो जातीं तब तक किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है.

अगर किसी ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाता है जो तमिलनाडु विधानसभा का सदस्य नहीं है तो उसे छह महीने के अंदर निर्वाचित होकर विधानसभा में आना होगा.

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता को आय के ज्ञात स्रोत से 66 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति जमा करने के एक मामले में शनिवार को अदालत ने दोषी करार दिया.

इस फैसले के बाद जयललिता को तमिलनाडु विधानसभा की सदस्यता से हाथ धोना पड़ेगा. तमिलनाडु में वह अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच अम्मा उपनाम से संबोधित होती हैं.

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