व्यापमं पर प्रधानमंत्री चुप क्यों?

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: केजरीवाल ने व्यापमं घोटाले पर प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ने और देश की जनता को जवाब देने की मांग की. दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ट्वीट किया, “लोग प्रधानमंत्री से व्यापमं के मामले में चुप्पी तोड़ने और हस्तक्षेप की उम्मीद करते हैं. प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर अब और अधिक चुप नहीं रहना चाहिए.”

उधर, भोपाल में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “व्यापमं घोटाले में मुख्यमंत्री और उनका परिवार संलिप्त है. इस वक्त घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल की देखरेख में विशेष कार्य बल कर रहा है. लेकिन इस जांच पर कांग्रेस को भरोसा नहीं है, क्योंकि यह जांच पूरी तरह सरकार के इशारे पर हो रही है.”

उन्होंने कहा, “व्यापमं घोटाला महाघोटाला बन चुका है. इसकी जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो या किसी स्वतंत्र एजेंसी से करानी चाहिए. मुख्यमंत्री लगातार स्वयं को पाक-साफ कहते आ रहे हैं, लेकिन ऐसा है तो उन्हें खुद सीबीआई जांच के लिए पत्र लिखना चाहिए.”

सीपीएम के राज्य सचिव बादल सरोज ने कहा कि, “जबलपुर मेडिकल कालेज के दूसरे डीन डॉ मिश्रा की दिल्ली के होटल में संदिग्ध मौत से व्यापमं से जुड़े राजदारों-अभियुक्तों की योजनाबध्द हत्याओं की आशंका पुष्ट हुयी है.”

उन्होंने आगे कहा, “डॉ मिश्रा जलाकर मार डाले गए अपने पूर्ववर्ती डीन डॉ साकल्ले के दोस्त थे. उनकी मौत के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से सन्देह जताया था और कहा था कि यह आत्महत्या नहीं है ह्त्या है. ”

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में इंजीनियरिग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज में दाखिले से लेकर विभिन्न विभागों की भर्तियों की परीक्षा व्यापमं आयोजित कराता है. इन दाखिलों और भर्तियों में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जुलाई 2013 में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इस मामले में पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा से लेकर व्यापमं के पूर्व नियंत्रक पंकज त्रिवेदी सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा राजनीतिक दलों से जुड़े लोग जेल में हैं. इस मामले में राज्यपाल रामनरेश यादव पर भी सिफारिश करने का मामला दर्ज है.

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