इरोम शर्मिला की रिहाई के आदेश

इंफाल | संवाददाता: मणिपुर की अदालत ने इरोम शर्मिला को रिहा करने का आदेश दिया है. पिछले 14 साल से इरोम शर्मिला न्यायिक हिरासत में अनशन पर हैं.

14 साल पहले उन्होंने मणिपुर के इलाके से सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून यानी आफ़्स्पा हटाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की शुरुआत की थी. उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. तब से ही उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया था.

इसके बाद से सरकार ने उन्हें आत्महत्या के आरोप में अस्पताल में रखा था और उन्हें जबरन नाक के सहारे खाना दिया जाता रहा है. अब 14 साल बाद मणिपुर की एक अदालत ने कहा है कि इरोम शर्मिला पर आत्महत्या की कोशिश की मंशा का आरोप साबित नहीं होता. इसलिये उन्हें रिहा किया जाना चाहिये.

हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि अगर अदालत चाहे तो इरोम शर्मिला की सेहत को लेकर सरकार उचित उपाय करने के लिये स्वतंत्र है.

42 साल की इरोम शर्मिला को लेकर दुनिया भर में प्रदर्शन हुये हैं और उन्हें आयरन लेडी का खिताब दिया गया है. दुनिया भर के मानवाधिकार संगठन शर्मिला की रिहाई के लिये भारत सरकार से अपील करते रहे हैं. यहां तक कि भारत सरकार की एक कमेटी ने भी सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून यानी आफ़्स्पा को गलत ठहराया था. लेकिन सरकार ने उस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया और शर्मिला को उनके हाल पर न्यायिक हिरासत में छोड़ दिया.

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