प्रतिरक्षा केवल प्रधानमंत्री के तौर पर

वाशिंगटन | अरुण कुमार: अमरीका की एक अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘देश के प्रमुख होने का प्रतिरक्षण’ हासिल है. अदालत ने आगे कहा है लेकिन उन्हें वित्त मंत्री के काल के लिए प्रतिरक्षा नहीं मिली हुई है. मनमोहन सिंह के खिलाफ दावा किया गया है कि उन्होंने सिखों के खिलाफ हिंसा का समर्थन किया था.

कोलंबिया जिला के जिला न्यायाधीश जेम्स बोआसबर्ग ने मंगलवार को दिए गए फैसले में कहा है कि मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद भी ‘अवशिष्ट प्रतिरक्षा’ के हकदार हैं. यही परामर्श अमेरिकी विदेश विभाग ने दिया है.

अमरीका के एक अधिकार समूह सिख फॉर जस्टिस और इंदरजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि मनमोहन सिंह ने ‘सरकार के शीर्ष पर रहते हुए और इससे पहले वित्त मंत्री रहते हुए भारतीय सिखों को प्रताड़ित किया और हत्या कराई.’

प्रतिरक्षा पर विदेश मंत्रालय के परामर्श को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने व्यवस्था दी कि ‘यद्यपि सिंह अब सरकार के शीर्ष पद पर नहीं हैं, फिर भी उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर किए गए काम के लिए अवशिष्ट प्रतिरक्षा हासिल है.’

इस तरह की अवशिष्ट प्रतिरक्षा शीर्ष पद पर आने के पहले के काम के लिए हासिल नहीं होगी और वित्त मंत्री के तौर पर उनके खिलाफ लगे आरोप कायम रहेंगे.

एसएफजे और इंदरजीत सिंह ने 2013 में दावा किया था कि वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए 1991 से 1996 के बीच मनमोहन सिंह ने पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियान को कोष मुहैया कराया जिससे सुरक्षा बलों के हाथों हजारों सिख मारे गए.

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