रेल किराया वृद्धि जायज: रविशंकर

नई दिल्ली | एजेंसी: देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शनिवार को केन्द्रीय मंत्री रविशंकर ने रेल किराया बढ़ोतरी का समर्थन किया है. केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने केंद्र सरकार के फैसले को जायज ठहराते हुए कहा कि यह वृद्धि जरूरी थी, क्योंकि पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार ने रेलवे को जर्जर हालत में छोड़ दिया था.

कानून एवं न्याय मंत्री प्रसाद ने टीवी चैनल सीएनएन आईबीएन को दिए साक्षात्कार में कहा, “संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने रेलवे को बुरे हालत में छोड़ दिया था. यह प्रतिदिन 900 करोड़ रुपये का घाटा झेल रही थी और राजस्व उपलब्ध नहीं था.”


उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने अंतरिम बजट के दौरान फरवरी में यह फैसला लिया था.

प्रसाद ने कहा, “यह संप्रग का फैसला था जो फरवरी में अंतरिम बजट के दौरान लिया गया था, लेकिन बड़ी बुद्धिमानी से संप्रग ने कहा कि यह अगले सरकार के सत्ता में आने पर प्रभावी होगा.”

उन्होंने कहा कि रेलवे को आगे चलना है तो राजस्व की जरूरत होगी.

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा, “यह किराया वृद्धि रेलवे के राजस्व और इसकी सेवा में सुधार के लिए किया गया है. मुझे इस बात का अहसास है कि लोगों को असुविधा होगी लेकिन लोग इसे समझ जाएंगे.”

प्रसाद ने हिंदी को सोशल मीडिया के मंच पर प्रोत्साहित करने के मुद्दे पर कहा कि यह समाप्त हो जाने वाला विवाद था.

उन्होंने कहा, “हिंदीभाषी राज्यों में कई सालों से यह सर्कुलर जारी किया गया है. इसे सिर्फ दोहराया गया है. यह समाप्त हो जाने वाला विवाद था.”

मंत्री ने यह भरोसा दिलाया कि सरकार राज्यपालों को सम्मान से पद छोड़ने की छूट देगी और यह पहली बार नहीं है जब केंद्र में सत्ता बदलने पर किसी राज्यपाल को पद छोड़ने के लिए कहा गया है.

उन्होंने कहा, “मैं राज्यपाल के पद को बेहद सम्मान देता हूं. कई राज्यपालों का कार्यकाल एक या दो महीने में समाप्त हो रहा है, लेकिन मैं यह कह दूं कि अगर कोई राज्यपाल इस्तीफा देता है, तो उसे सम्मान से पद छोड़ने की छूट दी जाती है.”

रासायनिक और उर्वरक राज्य मंत्री निहाल चंद पर लगे दुष्कर्म के आरोप पर उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक दुश्मनी का शिकार हुए हैं.

उन्होंने कहा, “राजस्थान की तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के दौरान पुलिस ने मामले की जांच की थी और निहाल चंद के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया गया. जब वह मंत्री बन गए, कांग्रेस इस पर राजनीति कर रही है.”

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