“अच्छे दिन सबके नहीं आयेंगे”

मथुरा | समाचार डेस्क: प्रधानमंत्री मोदी ने कटाक्ष किया है जिनके पहले अच्छे दिन थे उनके लिये बुरे दिन आये हैं. जाहिर है कि उनका इशारा उन भ्रष्ट्राचारियों की ओर था जिनके अब बुरे दिन आ गयें हैं. उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के समय मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने नारा दिया था “अच्छे दिन आने वाले हैं”. मोदी सरकार के आने के बाद कांग्रेस सहित विपक्ष ने लोगों से पूछा कि “क्या अच्छे दिन आ गये.” प्रधानमंत्री मोदी ने मथुरा की रैली में अपने सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सभा को संबोधित करते हुये उसी का जवाब दिया कि अच्छे दिन सभी के नहीं आने वाले हैं. नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के गांव नगला चंद्रभान में आयोजित जनकल्याण रैली को संबोधित करते हुए विरोधियों पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने लोगों से पूछा कि भाजपा सरकार बनने के बाद बुरे दिन गए या नहीं? आगे कहा, “अब जिनके बुरे दिन आए हैं, वे चीख रहे हैं और चिल्ला रहे हैं. जिनके बुरे दिन अब आए हैं, उनके अच्छे दिन आने की अब कोई गारंटी नहीं है.” मोदी ने कहा कि ब्रज की भूमि के कण-कण में श्रीकृष्ण का वास है. सरकार चाहती तो एक वर्ष पूरा होने का जश्न किसी भी दिल्ली जैसे बडे शहर में कर सकती थी, लेकिन इसके लिए मथुरा को चुना गया.

उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, गांधी और लोहिया को अपना प्रेरणास्रोत बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि इन तीन महापुरुषों ने देश की राजनीति में अमिट छाप छोड़ी है. उन्होंने इन्हें भारतीय राजनीति का मार्गदर्शक बताया.

यूपीए सरकार पर सवाल उठाते हुए मोदी ने अपने संबोधन में यूपीए को घोटालों की सरकार बताया. उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान भारत की धाक पूरी दुनिया में बढ़ी है. देश में घोटालों की सरकार का खात्मा हुआ है और भ्रष्टाचार में गिरावट आई है.

उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के शासनकाल में किसी तरह के घोटाले की खबर किसी ने नहीं सुनी होगी, जबकि यूपीए सरकार में यह बेहद आम बात थी. उन्होंने देश की राजनीति में बदलाव लाने के लिए लोगों का शुक्रिया भी अदा किया.

मोदी ने कांग्रेस को परिवारवाद की राजनीति करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि देश की जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलाकर परिवारवाद की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पं दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के आदर्शो से प्रेरणा लेकर ही कई योजनाओं की शुरुआत की गई है. दस लाख रुपये के सूट को लेकर चर्चित मोदी ने कहा कि जिस सादगी में पंडित जी ने जीवन बिताया, वह सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है.

नगला चंद्रभान में स्थित दीनदयाल धाम में उनकी प्रतिमा को श्रद्धांजलि देने के बाद मोदी ने कहा कि देश के किसी भी कोने में पर्यावरण की रक्षा कैसे करनी चाहिए, महिला सशक्तीकरण कैसे हो, किसी गांव का समुचित विकास कैसे हो यह दीनदयाल जी के जीवन से सीखा जा सकता है.

मोदी ने कहा, “इस पवित्र जगह पर आने का अवसर मिला, इसके लिए मैं सदैव आभारी रहूंगा. राष्ट्रीय अध्यक्ष से स्वयं मैंने दीन दयाल धाम आने का आग्रह किया था. इसके साथ ही अटल जी के गांव जाने और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के गांव जाने की बात जेहन में आई थी.”

मोदी ने कहा, “दीनदयाल धाम से जो प्रेरणा मिलेगी, वह आगे आने वाले समय में काफी काम करेगी. जिस संकल्प को लेकर हम चले हैं, उसमें एक नया संचार होगा.”

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में इस रैली का आयोजन किया गया है. भाजपा ने इसे ‘जनकल्याण पर्व’ नाम दिया है. उत्तर प्रदेश में अब केंद्रीय मंत्रियों की रैलियां होंगी. सोमवार को प्रधानमंत्री ने रैली श्रृंखला की शुरुआत की है. मोदी सरकार के एक साल पूरे के बाद उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्रई की पहली आम सभा से जाहिर है कि भाजपा वहां के विधानसभा चुनाव के लिये तैयारी कर रही है.

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