धर्म के खिलाफ हिंसा स्वीकार नहीं

नई दिल्ली | एजेंसी: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा उनकी सरकार सार्वभौम घोषणा के हर शब्द और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खड़ी है. राष्ट्रीय राजधानी में हाल में गिरजाघरों पर हुए हमलों व दक्षिणपंथी कट्टरपंथियों के बयानों के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को खुलकर सामने आए और उन्होंने कहा कि सरकार सबके लिए धर्म की पूर्ण स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगी, ताकि हर किसी के पास किसी तरह की जोर जबरदस्ती के बिना अपने धर्म का पालन करने का अधिकार हो. मोदी ने यहां ईसाई धर्मगुरुओं के सम्मेलन में कहा, “मेरी सरकार पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगी. हर किसी के पास किसी तरह की जोर जबरदस्ती या अनुचित प्रभाव के बिना किसी भी धर्म को अपनाने या पालन करने का अधिकार हो.”

इस मुद्दे पर काफी समय बाद चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरी सरकार सभी धर्मो का समान आदर करती है.”


मोदी ने आगे कहा, “सरकार किसी भी धार्मिक समूह को चाहे वह बहुसंख्यक हों या अल्पसंख्यक, यह अनुमति नहीं देगी कि खुलकर या छिपकर दूसरे धर्म के प्रति घृणा फैलाए.”

बीते दो महीनों के दौरान गिरजाघरों व स्कूलों पर हुए हमलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री का यह आश्वासन बेहद मायने रखता है.

संत छावरा तथा मदर यूफ्रेसिया को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जा रहे समारोह के दौरान मोदी ने कहा, “उनकी सरकार सार्वभौम घोषणा के हर शब्द और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खड़ी है.”

मोदी ने कहा, “भारत बुद्ध और गांधी का देश है. सभी धर्मो के प्रति समान आदर हर भारतीय के डीएनए में है. किसी भी बहाने से हम किसी भी धर्म के खिलाफ हिंसा स्वीकार नहीं करेंगे और मैं इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं.”

उन्होंने सभी धार्मिक समूहों से इस प्राचीन देश में संयम, आपसी सम्मान तथा सहिष्णुता बरतने की अपील की और कहा कि यह हमारे संविधान में निहित है और हेग घोषणा से मेल खाता है.

कैथोलिक आर्कडायोसिस गिरजाघर के फादर सवारिमुथु संकर ने कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि अंतत: उन्होंने मुंह खोला है. हालांकि अब देर हो चुकी है, क्योंकि हम चाहते थे कि वह ईसाइयों के सामने पिछले साल ही बोलें. हम उम्मीद करते हैं कि उनकी बातों पर अमल होगा.”

बीते दिनों दक्षिणी दिल्ली के होली चाइल्ड ऑक्जीलियम स्कूल में 13 फरवरी को हुआ हमला ईसाई संस्थानों पर छठा हमला था, जिसके बाद मोदी ने पुलिस आयुक्त बी.एस.बस्सी को बुलाकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और तोड़फोड़ की जांच को तेजी से निपटाने को कहा था, ताकि अपराधियों को दंड सुनिश्चित किया जा सके.

इन हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईसाई धर्मगुरुओं ने दावा किया था कि उनके समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जो ईसाइयों के मन में डर पैदा करने का प्रयास है.

मोदी ने राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए समारोह में मौजूद नेताओं सहित सबसे समर्थन मांगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सांप्रदायिक आधार पर किसी भी तरह के बंटवारे से हम कमजोर होंगे.

ईश्वर व साथियों की सेवा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर देने वाले दो संतों की प्रशंसा करते हुए मोदी ने सैंट छावरा तथा सैंट यूफ्रेसिया को मानवता के लिए प्रेरणा करार दिया.

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