समाजवाद की शाही बग्घी, मुलायम सिंह

लखनऊ | समाचार डेस्क: समाजवादी मुलायम सिंह यादव के 75वें जन्मदिन पर रामपुर में शाही नज़ारा देखने को मिला. रात को ठीक 12 बजे पूर्व मुंख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह ने 75 किलो का केक काटा. उसके पहले ब्रिटेन से मंगाये विंटेज शाही बग्घी में बैठकर मुलायम सिंह, अखिलेश यादव तथा आज़म खान ने अपनी जनता को दर्शन दिये. जाहिर है कि कार्पोरेट के वैश्वाकरण के युग में हिचकोले खाता समाजवाद को शाही प्रदर्शन से परहेज नहीं है. वह भी तब जब आगे उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं. मुलायम के जन्मदिन को खास बनाने के लिए इस बार रामपुर में विधायकों, सांसदों व मंत्रियों का जमावड़ा लगा. राज्य सरकार में मंत्री आजम खां की देखरेख में रामपुर में तैयारियां की गई. मुलायम का जन्मदिन शनिवार को मनाया जाएगा. इसके लिए रामपुर शहर को सपा के झंडों तथा पोस्टरों से पाट दिया गया है. जगह-जगह बड़े गेट तथा होर्डिग लगे हैं. सड़कों की सफाई मशीनों से हो रही है. आजम खां ने रामपुर के लोगों से कहा है कि सपा प्रमुख का स्वागत जोरदार ढंग से होना चाहिए.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम की मेहमाननवाजी को लेकर कैबिनेट मंत्री आजम खां ने गुरुवार से रामपुर में मोर्चा संभाल लिया था. उन्होंने सिविल लाइन से जौहर यूनिवर्सिटी तक की जा रही तैयारियों का जायजा लिया था जिस मार्ग पर शाही बग्घी से मुलायम सिंह ने अपनी जनती को दर्शन दिये.

आजम ने सपा कार्यकर्ताओं से कहा रखा कि मेहमाननवाजी में कोई कसर बाकी नहीं रहनी चाहिए. सीआरपीएफ सेंटर से लेकर जौहर यूनिवर्सिटी तक 75 से अधिक स्वागत द्वार बनाए गए. बैनर और होर्डिंग्स से जौहर रोड सज गया है.

अपने शाही जन्मदिन के समारोह के कारण कभी मायावती के जन्मदिन की आलोचना करने वाले मुलायम सिंह स्वंय आलोचनाओं के पात्र बन गयें हैं.

इस मौके पर विपक्ष ने उन पर व्यंग बाणों की बौछार कर दी. बीबीसी से बात करते हुए उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आचार्य नरेंद्र देव और राम मनोहर लोहिया की विचारधारा के वंशज होने के नाते मुलायम सिंह का इस तरह से जन्मदिन मनाना प्रदेश में अभाव से उत्पीड़ित जनता के जले पर नमक छिड़कना है.” बाजपेयी कहते हैं, “अगर वो अपना जन्मदिन ग़रीबों की बस्ती में मनाते तो अच्छा होता”.

जाहिर है कि उत्तरप्रदेश में सत्तारूढ़ होने को आतुर भाजपा को अगले विधानसभा चुनाव के लिये समाजवादी पार्टी के खिलाफ एक नया हथियार मिल गया है. सबसे हैरत की बात है कि समाजवादी मुलायम सिंह यादव ने खुद ही अपने खिलाफ बोलने के लिये विरोधियों को मौका प्रदान किया है.

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