आर्थिक राजधानी में महागर्जना रैली

मुंबई | समाचार डेस्क: देश की आर्थिक राजधानी में नरेन्द्र मोदी की रविवार को महागर्जना रैली होगी. इस रैली के पहले मोदी ने अपनी मोम से बने पुतले का उद्घाटन किया. देश की राजधानी दिल्ली के लालकिले में झंडा फहराने के पहले यह आवश्यक है कि आर्थिक राजधानी में भी मोदी का परचम फहराये. इसी रणनीति के चलते महाराष्ट्र के मुंबई में रविवार को मोदी की एक बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है.

मोदी की महागर्जना रैली में न केवल लाखों की भीड़ एकत्र किया जा रहा है वरन् मुंबई के 10,000 चायवालों को भी विषेष तौर पर आमंत्रित किया गया है. गौरतलब है कि मोदी ने अपने शुरुआती जीवन में अहमदाबाद के रेल्वे स्टेशन के बाहर चाय बेचा था. जिसके लिये उन पर राजनीतिक कटाक्ष किया गया था कि चाय बेचनेवाला देश नहीं चला सकता है. उसी का जवाब देने के लिये मुंबई के चायवालों को विषेष तौर पर आमंत्रित किया गया है. उन्हें इसके लिये वीआईपी पास दिया गया है. नरेन्द्र मोदी की खूबी है कि वे नकारात्मक का इस प्रकार से उपयोग करते हैं कि उसका सकारात्मक फल मिलने लगता है.

इस रैली में आशा व्यक्त की जा रही है कि 1977 के जयप्रकाश नारायण की सभा तथा बाल ठाकरे के दशहरा रैली से भी ज्यादा लोग इकठ्ठे हो. इसके लिये पड़ोस के मध्यप्रदेश तथा गुजरात से लोगो को लाया जा रहा है. खबर है कि पड़ोसी आंध्रप्रदेश तथा कर्नाटक से भी भीड़ जुटायी जा रही है. रविवार के इस महागर्जना रैली के कारण मुंबई के रेल्वे स्टेशनों तथा बांद्र-कुर्ला क्षेत्र में जहां कि रैली होनी है ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

ज्ञात्वय रहे कि भाजपा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को जब से अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है तभी से उसके कार्यकर्ताओँ में जोश का माहौल है. अभी-अभी संपन्न चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली सफलता से खुश भाजपा इस माहौल को लोकसभा चुनावों तक बनाये रखना चाहती है. इसी रणनीति के तहत मुंबई में मोदी की महागर्जना रैली का आयोजन किया गया है. इस रैली में दूसरे देशों के महा वाणिज्यिक दूतो को भी बुलाया गया है. भाजपा उम्मीद कर रही है कि उनके आने से अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में अच्छा संकेत जायेगा.

बहरहाल मोदी के महागर्जना रैली को मुंबई के अलावा देश के दूसरे लोग भी टीवी पर सुनना चाहते हैं. खबर है कि मोदी की रैली के पहले से ही कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई है तथा वह सोनियां गांधी की मुंबई में रैली करवाने की सोच रही है. नरेन्द्र मोदी की खूबी है कि वह पहले से ही सोचकर रख लेते हैं कि आगे क्या करना है. मुंमबई में महागर्जना रैली के माध्यम से देश के तथा विदेश के भी समर्थकों को लुभाने की कोशिश की जा रही है.

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