चांद पर बसने की तैयारी

वाशिंगटन | एजेंसी: नासा निकट भविष्य में चंद्रमा पर बसने वालों के जीवन-यापन के लिए वहां की सतह को खोदकर पानी निकालने के विचार पर अध्ययन कर रहा है. इसके लिए ‘लूनर फ्लैशलाइट’ और ‘द रिसोर्स प्रॉस्पेक्टर मिशन’ नामक दो परियोजनाओं की मदद क्रमश: 2017 और 2018 में ली जाएगी.

लूनर फ्लैशलाइट चंद्रमा के ध्रुव के निकट जमे बर्फ की पैमाइश करेगा, जबकि द रिसोर्स प्रॉस्पेक्टर मिशन के तहत चंद्रमा के सतह का बारीकी से निरीक्षण के लिए रोवर भेजने की योजना है.

रोवर एक ड्रिलिंग उपकरण से लैस होगा और एक मीटर गहराई से पानी के नमूनों को जमा करेगा.

अल्बानिया स्थित हंट्सविले में नासा के मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर की बाराबारा कोहेन ने कहा, “अगर आप चांद पर बसने जा रहे हैं, तो वहां आपको पानी की जरूरत होगी. ऐसे में यहां से सबकुछ ले जाने से बेहतर है कि आप वहां जाएं ही नहीं, क्योंकि यह विकल्प आपको सस्ता पड़ेगा.”

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