‘धर्म संकट में’ ढ़ोंगियों का माखौल: नसीर

मुंबई | मनोरंजन डेस्क: नसीरुद्दीन शाह अभिनीत फिल्म ‘धर्म संकट में’ ढ़ोंगियों का माखौल उड़ाया गया है. फिल्म ‘धर्म संकट में’ में इस बात का ख्याल रखा गया है कि किसी धर्म को ठेस न पहुंचे. अंग्रेजी फिल्म के इस हिन्दी रीमेक में चीजों को तथ्यों के साथ रखा गया है. नसीरुद्दीन शाह को विश्वास है कि इससे किसी प्रकार का संकट नहीं खड़ा होगा. मंझे हुए अभिनेता नसीरुद्दीन शाह आगे कटाक्ष करने वाली हास्य फिल्म ‘धर्म संकट में’ एक आध्यात्मिक संगठन के गुरु के रूप में नजर आएंगे. वह कहते हैं कि किसी धर्म या समूह को इस फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगेगा, क्योंकि इसमें दिखाई गई हर चीज सही और तथ्यपूर्ण है. वह कहते हैं कि यह फिल्म किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाती.

‘धर्म संकट में’ ब्रिटिश फिल्म ‘द इन्फिडेल’ का आधिकारिक हिंदी रूप है. फिल्म में परेश रावल और अनू कपूर भी हैं.


नसीरुद्दीन ने एक साक्षात्कार में कहा, “हमने सभी धर्मो और समूहों की भावनाओं का ख्याल रखा है. हम फिल्म में धर्म का नहीं, बल्कि धर्म को कमाई का जरिया बनाने वाले ढोंगी लोगों का मखौल उड़ा रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “कोई भी धर्म या समूह हम पर या इस फिल्म पर दोषारोपण नहीं कर पाएगा, क्योंकि फिल्म में जो कुछ दिखाया गया है, वह सही और तथ्यपूर्ण है.”

फवाद खान निर्देशित ‘धर्म संकट में’ 10 अप्रैल को रिलीज हो रही है.

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