मोदी-नवाज में आंतकवाद पर चर्चा

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: पाकिस्तान प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मोदी से मुलाकात को सार्थक बताया. दोनों देशों के प्रधानमंत्री के बीच की मुलाकात में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा. हालांकि नवाज शरीफ ने अपने बयान में ऐसे किसी भी मुद्दे का ज़िक्र नहीं किया.

भारतीय विदेश सचिव सुजाता ने एक प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बातचीत के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने ‘सीमा पार आतंकवाद’ के मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान को चरमपंथी गतिविधियों के लिए अपनी जमीन इस्तेमाल न होने देने का उसका वादा याद दिलाया.

उन्होंने कहा कि मोदी ने मुंबई में 2008 के चरमपंथी हमले का मुक़दमा पाकिस्तान में धीमी गति से चलने का मुद्दा भी उठाया. भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार शरीफ़ के सामने मोदी ने ‘आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं’ को रखा.

भारतीय विदेश सचिव ने बताया कि दोनों देशों ने एक दूसरे को व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा देने पर भी बात की. भारत पाकिस्तान को ये दर्जा पहले ही दे चुका है जबकि पाकिस्तान ने अपने व्यापारिक हितों का हवाला देते हुए अभी तक ऐसा नहीं किया है.

दोनों देशों की इस बैठक को शांति के नए दौर के तौर पर देखा जा रहा है. मोदी और नवाज शरीफ़ की बैठक 30 मिनट तक ही चलनी थी लेकिन दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट बात हुई. बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री के साथ नई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी मौजूद थीं.

विदेश मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी और अन्य उन सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ हुई बातचीत का संक्षिप्त विवरण दिया, जो मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने भारत आए. अधिकांश देशों ने अपने भारत दौरे को लेकर बेहद उत्साह जताया.

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