NEET, CGPMT पर असमंजस की स्थिति

रायपुर/नई दिल्ली | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में नीट तथा सीजीपीएमटी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. केन्द्र सरकार के नीट अध्यादेश पर राष्ट्रपति ने एटॉर्नी जनरल से सलाह मांगी है तथा वे इस समय देश में नहीं हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति इस अध्यादेश पर सफाई चाहते हैं. वहीं, राष्ट्रपति मंगलवार से चार दिनों की चीन यात्रा पर जा रहें हैं. ऐसे में राष्ट्रपति द्वारा नीट अध्यदेश पर फैसला लेने में कुछ समय लग सकता है. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के चिकित्सा संचालक डॉ. एके चंद्राकर का कहना है कि सोमवार को सीजीपीएमटी की परीक्षा के लिये होने वाली बैठक को टाल दिया गया है.

जाहिर है कि जब तक अधिसूचना नहीं जारी हो जाती सीजीपीएमटी की परीक्षा पर फैसला नहीं लिया जा सकता. लिहाजा सीजीपीएमटी को लेकर ऊपापोह की स्थिति बनी हुई है. इधर छात्र-छात्रायें तथा उनके अभिवाहक परेशान हैं कि कौन सी परीक्षा होगी तथा बच्चों को कौन सी परीक्षा की तैयारी करनी है.


इस बीच सोमवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर नीट के बारें में स्पष्टीकरण दिया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर उन्हें राज्यों को इस साल नीट के दायरे से बाहर रखे जाने के पीछे सरकार के तर्क को बताया. राष्ट्रपति ने अध्यादेश लाने के कारणों की जानकारी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा था.

गौरतलब है कि शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंजूर किए गए अध्यादेश का मकसद उच्चतम न्यायालय के उस आदेश को ‘आंशिक तौर पर’ पलटना है जिसमें कहा गया कि सभी सरकारी कॉलेज, डीम्ड विश्वविद्यालय और निजी मेडिकल कॉलेज राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET के दायरे में आएंगे.

यह रियायत सिर्फ राज्य सरकार की सीटों के लिए होने की बात स्पष्ट करते हुए सूत्रों ने कहा था कि निजी मेडिकल कॉलेजों में निर्धारित राज्य सरकार की सीटों को भी इस साल NEET से छूट दी गई है.

उल्लेखनीय है कि नीट तथा एम्स की प्रवेश परीक्षा में नेगेटिव मार्किग होती है जबकि पीएमटी में यह नहीं होता है. इसलिये छात्र-छात्राओं को पीएमटी में ज्यादा नंबर मिलते हैं.

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