ओली की यात्रा से भारत-नेपाल खटास कम होगी

काठमांडू | समाचार डेस्क: नेपाल के प्रधानमंत्री ओली की भारत यात्रा से रिश्तों में आई खटास कुछ कम होगी. जानकारों का मानना है कि आमने-सामने की बातचीत से कई मुद्दे सुलझ सकते हैं. नेपाल के तराई में मधेसियों द्वारा की गई नाके बंदी से भारत-नेपाल संबंधों में खटास आई है. नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली इस माह 6 दिवसीय दौरे के लिए भारत जाएंगे. नेपाली प्रधानमंत्री के इस दौरे की शुरुआत 19 फरवरी से होगी. अक्टूबर में पद भार संभालने के बाद यह ओली की पहला विदेश दौरा होगा. नेपाल के सूचना और संचार मंत्री और नेपाल सरकार के प्रवक्ता शेर धन राय ने बताया, “गुरुवार रात कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री के भारत दौरे की तारीख तय हुई. इसके साथ ही विदेश मंत्रालय को एजेंडा और अन्य आवश्यक कार्यो के लिए जमीन तैयार करने का काम भी सौंप दिया गया है.”

ओली के मुख्य राजनीतिक सलाहकार बिश्नू रिमल ने कहा, “यह दौरा भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है.”

उन्होंने कहा कि इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

ओली नेपाल के राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

ऐसे समय में जब नेपाल-भारत के संबंधों में नेपाल के दक्षिणी मैदान में विरोध प्रदर्शन के कारण खटास बनी हुई है और पिछले साल सितंबर में नेपाल के नए संविधान पर भारत की नाराजगी जगजाहिर हुई है तो ऐसी स्थितियों में यह दौरा रिश्तों की एक नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है.

यात्रा के लिए एजेंडा को अंतिम रूप दिया जा रहा है. हालांकि खुद प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्रियों, पूर्व विदेश मंत्रियों, राजनयिकों, व्यापार समुदायों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठकों की एक श्रृंखला को संभाल रहे हैं.

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