नवाज़ शरीफ़ हत्यारे हैं: इमरान

इस्लामाबाद | एजेंसी: इमरान खान ने प्रधानमंत्री शरीफ़ को प्रदर्शनकारियों के हत्या के लिये जिम्मेदार कहा है. गौरतलब है कि पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी, प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के इस्तीफे के मांग पर प्रदर्शन कर रही है.रविवार को तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान खान ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, गृह मंत्री निसार अली खान और पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ को बख्शा नहीं जाएगा.

शनिवार को पार्टी के धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के उग्र होने के बाद हुई पुलिस कार्रवाई में आठ प्रदर्शनकारी मारे गए और 450 अन्य घायल हो गए थे. क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान ने अपने समर्थकों से कहा कि शरीफ बंधुओं और गृह मंत्री के खिलाफ हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. संघीय राजधानी में पीटीआई और ताहिर उल-कादरी के संगठन पाकिस्तान अवामी तहरीक के समर्थकों और पुलिस के बीच टकराव जारी है.

पाकिस्तान की जिओ न्यूज के मुताबिक, उन्होंने कहा कि रविवार एक निर्णायक दिन है और वे अपनी अंतिम सांस तक लड़ेंगे.

पुलिस ने 500 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें अज्ञात स्थानों पर रखा गया है.

शनिवार रात पीटीआई और पीएटी के समर्थक धरना देने के लिए प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे.

पीएटी नेता ताहिर उल-कादिरी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के सात कार्यकर्ता मारे गए हैं और स्टील एवं रबड़ की गोलियों से कई अन्य बुरी तरह जख्मी हुए हैं.

पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने कहा कि उनका एक कार्यकर्ता मारा गया है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं.

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हालांकि विपक्षी नेताओं के दावे को खारिज किया है और कहा है कि संघर्ष में कोई भी मारा नहीं गया है.

अधिकारियों ने हालांकि 250 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है. घायलों में छह बच्चे और 40 महिलाएं शामिल हैं जिन्हें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में भर्ती कराया गया है जबकि पांच बच्चों और 25 महिलाओं सहित 210 अन्य को पोलीक्लीनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

घायलों में 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी और छह पत्रकार भी शामिल हैं.

प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि संघर्ष तब शुरू हुआ, जब पुलिस ने राजधानी के अत्यंत सुरक्षित क्षेत्र रेड जोन की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोलों का सहारा लिया. प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठने के लिए आगे बढ़ रहे थे.

देश के गृह मंत्री चौधरी निसार ने कहा कि प्रदर्शनकारी हाथों में लाठी-डंडा लिए हुए थे और वे संवेदनशील सरकारी भवनों में घुसने का प्रयास कर रहे थे.

संघर्ष के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी घेरेबंदी तोड़ते हुए संसद भवन में प्रविष्ट हो गए.

बाद में इलाके में तैनात पाकिस्तान सेना के आदेश पर प्रदर्शनकारी वहां से निकले.

इस बीच पीटीआई ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में रविवार को देशभर में शोक दिवस मनाया और प्रदर्शन किए. पार्टी को अन्य विपक्षी पार्टियों का समर्थन भी मिला.

एक अन्य विपक्षी पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट, एमक्यूएम ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से अविलंब इस्तीफे की मांग की है.

पीटीआई और पीएटी ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर से 14 मार्च को प्रदर्शन शुरू किया और 15 अगस्त को इस्लामाबाद पहुंचने के बाद से वे धरना दे रहे हैं.

19 अगस्त को प्रदर्शनकारी रेड जोन की तरफ बढ़े और संसद भवन के सामने धरने पर बैठ गए.

दोनों पार्टियों ने सरकार के साथ कई दौर की वार्ता की है लेकिन इसका कोई नतीजा सामने नहीं आया है.

संसद के निचले सदन में 34 सांसदों वाली पीटीआई के नेता इमरान खान ने आरोप लगाया है कि 2013 में हुए आम चुनाव में धांधली कर शरीफ सत्ता में आए हैं.

उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए रविवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में खासतौर से प्रधानमंत्री आवास के पास सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की उपस्थिति और शनिवार रात हुए संघर्षो पर चर्चा हुई.

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