पठानकोट मामले में सुरक्षा चूक

पठानकोट | समाचार डेस्क: रक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि पठानकोट आतंकी हमले के लिए ‘सुरक्षा में चूक’ जिम्मेदार है. मंगलवार को पर्रिकर ने सैन्य अड्डे का दौरा करने के बाद संवादादाताओं से कहा कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है, लेकिन यह ‘केवल सुरक्षा कारणों से’ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यही माना जा रहा है कि सैन्य अड्डे के विशाल परिसर में अब कोई आतंकवादी नहीं है.

रक्षामंत्री ने कहा कि कुछ कारणों से सुरक्षा में चूक हुई है, जिनकी वजह से शनिवार का हमला हुआ है. लेकिन, उन्होंने इस बारे में और कुछ कहने से मना कर दिया.


पर्रिकर ने सेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ मंगलवार को पठानकोट सैन्य अड्डे का दौरा किया.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के प्रमुख ने अलग से वायुसेना अड्डे का दौरा किया.

पर्रिकर ने कहा, “चिंता इस बात को लेकर है कि वे अड्डे में कैसे घुसे.”

रक्षामंत्री ने कहा, “तलाशी अभियान जारी है. यह केवल सुरक्षा कारणों से किया जा रहा है.”

उन्होंने कहा कि एक आतंकवादी के शव में अब भी आत्मघाती बेल्ट लगी हुई है. इसमें एक ग्रेनेड भी नजर आ रहा है.

पर्रिकर ने कहा, “मैं पूरी तरह इस बारे में स्पष्ट हूं कि उन्हें (अफसरों को) कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहिए.” उन्होंने याद दिलाया कि इसी तरह एक शव को हटाने के दौरान हुए विस्फोट में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के एक अफसर की मौत हो चुकी है.

पर्रिकर ने यह बात मानी कि पूरा अभियान बेहद मुश्किल था. उन्होंने कहा, “यह कठिन था. इसे किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए बगैर अंजाम दिया गया..न केवल सामरिक संपत्तियों को, बल्कि हर एक भवन को भी बचाया गया.”

उन्होंने कहा कि जिस भवन में आतंकवादी छिपे थे, उसे छोड़कर किसी भी अन्य भवन को नुकसान नहीं पहुंचा है. इसकी वजह यह थी कि सुरक्षाकर्मियों ने हमलावरों को खदेड़ कर एक सीमित क्षेत्र में रहने को मजबूर कर दिया था.

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के पास एक-47 राइफलें, पिस्तौल, स्विस चाकू, कमांडो चाकू के साथ-साथ 40 से 50 किलोग्राम कारतूस थे. उनके पास मोर्टार थे. उनके पास उच्च कोटि के विस्फोटक थे.

रक्षामंत्री ने कहा कि एनआईए ने हमले की जांच शुरू कर दी है. पता चल जाएगा कि ‘इन्हें किसने भेजा था.’ कुछ शुरुआती जानकारियां मिली हैं कि ये कहां से आए थे, कैसे आए थे.

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