तरक्की-वेतन वृद्धि के नये मापदंड

नई दिल्ली | संवाददाता: सातवें वेतन आयोग की अधिसूचना में तरक्की तथा वेतन वृद्धि के नये मापदंड दिये गये हैं. इसके अनुसार उन्हीं सरकारी कर्मचारियों को तरक्की तथा वेतन वृद्धि मिलेगी जिनका काम ‘बहुत अच्छा’ होगा. अब तक सरकारी कर्मचारियों के तरक्की तथा वेतन वृद्धि के लिये ‘अच्छे’ काम को पैमाना माना जाता था.

जाहिर है कि इस नये मापदंड के अधिसूचित होने से नौकरी के कार्यकाल के अनुसार अपने-आप तरक्की तथा वेतन वृद्धि मिलना बंद हो जायेगा. लिहाजा कर्मचारी संगछन इसका विरोध कर रहें हैं.

उल्लेखनीय है कि वित्‍त मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्‍वयन संबंधी अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि अब कर्मचारियों के तरक्की और वार्षिक वेतन वृद्धि के संबंधित बेंचमार्क का नया स्‍तर अब ‘अच्‍छा’ से ‘बहुत अच्‍छा’ किया गया है.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले की तरह 10 साल, 20 और 30 साल की सेवा से संबंधित मोडीफाइड एर्श्‍योड करियर प्रोगेशन स्‍कीम को जारी रखा जायेगा. जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन एमएसीपी के लिए निर्धारित बेंचमार्क या पहले 20 सालों की सेवा के दौरान नियमित प्रमोशन के लिए अपेक्षित नहीं पाया जायेगा तो ऐसे कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने संबंधित सिफारिश को ‘स्‍वीकार’ कर लिया गया है.

अधिसूचना के अनुसार नए वेतन मैट्रिक्स के तहत एक जनवरी 2016 को कर्मचारियों का नया वेतन मौजूदा वेतन (मूल वेतन और ग्रेड पे का योग) के 2.57 गुने के बराबर होगा. इसके साथ साल में वेतन वृद्धि के लिए दो तारीखें एक जनवरी और एक जुलाई होगी. फिलहाल इसके लिए केवल एक जुलाई की तारीख तय थी. रेलवे कर्मचारियों के संगठन ने इसका विरोध करना शुरु कर दिया है. इस तरह से सातवें वेतन आयोग ने जहां एक ओर न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 18 हजार कर दिया है वहीं वार्षिक वेतन वृद्धि को अफसरों के हाथ सौंप दिया है.

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