पुलिस हिरासत में मौत, 4 निलंबित

बलरामपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में ऑनर किलिंग के आरोपी की हिरासत में मौत के मामले में थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. मामले की दंडाधिकारी जांच के आदेश भी दिये गये हैं.

पुलिस का दावा है कि ऑनर किलिंग का आरोपी मोहम्मद इक़बाल अंसारी को जब पुलिस एक वाहन से जांच के लिये ले कर जा रही थी, उसी समय उसने वाहन से छलांग लगा दी. जिसके बाद वो कथित रुप से सामने से आ रही पिकअप वाहन से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई.


हालांकि मृतक के परिजनों का आरोप है कि इकबाल को बुरी तरह से पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया. इसके बाद हिरासत में ही उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इससे बचने के लिये दुर्घटना की कहानी गढ़ी है.

ऑनर किलिंग

पुलिस के अनुसार बलरामपुर ज़िले के कंडा जंगल में 14 जुलाई को एक किशोरी का शव बरामद किया गया था. शव पर गोली के निशान थे, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरु की.

जांच के दौरान पता चला कि मृतका झारखंड के छतरपुर थाना के अमवा गांव की सगुफ्ता परवीन ऊर्फ सोनम है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि गांव के शिक्षक भोला साव और मृतका के पिता अकबर हुसैन परिचित हैं. इस बीच भोला साव और सगुफ्ता परवीन में प्रेम संबंध बने और दोनों गांव से भाग गये.

इसके बाद पहले सगुफ्ता की हत्या कर उसकी लाश बलरामपुर ज़िले में फेंक दी गई. कुछ दिनों के भीतर ही पलामू प्रमंडल के ही लातेहार ज़िले के बारेसांड़ के सुगाबांघी गांव में भोला साव का भी शव पुलिस ने बरामद किया.

दाउद इब्राहिम कनेक्शन

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने पाया कि मामला ऑनर किलिंग का है. पीड़िता के परिजनों ने ही हत्या की साजिश रची और कभी दाउद इब्राहिम से सहयोगी रहे एक शूटर से संपर्क साधा गया.

पुलिस का दावा है कि छतरपुर का शगीर अंसारी पिछले कई वर्षों से मुंबई में था. शगीर अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के गैंग में सक्रिय था. वह हत्या के एक मामले में पांच सालों तक जेल में भी रहा. इसी तरह एक अन्य आरोपी अजीमुल्ला अंसारी उर्फ अजमेर उर्फ रेहान बिहार के औरंगाबाद जिले के माली थानांतर्गत अशोक सिंह नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में फरार था.

इन लोगों से ही परिजनों ने संपर्क किया और मोटी रकम दे कर शगुफ्ता और भोला की हत्या की सुपारी दी.

पुलिस ने जांच के बाद झारखंड के पलामू जिले के अमवा गांव के अजीमुल्ला अंसारी उर्फ अजमेर उर्फ रेहान, शगीर अंसारी, जलाल अंसारी, जिन्न्त हुसैन, नजमा खातून और इक़बाल अंसारी को मंगलवार को गिरफ़्तार किया और उन्हें बलरामपुर ले आई.

दावा है कि बुधवार को पुलिस इकबाल अहमद समेत दूसरे लोगों को घटनास्थल के लिये ले कर जा रही थी. उसी समय पस्ता और कंडा के बीच इकबाल पुलिस की वाहन से कूद गया. लेकिन वह विपरित दिशा से आ रही वाहन की चपेट में आ गया. जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

फिलहाल पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के अलावा पूरे मामले की दंडाधिकारी जांच के आदेश दिये हैं.

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