रेल बजट: आम आदमी के नजरिये से

नई दिल्ली | संवाददाता: रेल बजट सदन कई दावों के साथ में पेश किया जा चुका है. इसमें आम आदमी के लिये क्या है, आम आदमी को कौन सी सुविधायें मिलने जा रही है. इस पर सीजीखबर की एक रिपोर्ट.

कम दूरी के लिये वेंडिंग मशीन से टिकट
संसद में वर्ष 2016-17 का रेल बजट पेश करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल टिकट वेंडिंग मशीनों के जरिए प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री भी शुरू करना चाहती है, जिसमें नकद राशि के अलावा क्रेडिट/डेबिट कार्डो से भी भुगतान किया जा सकता है. पिछले साल घोषित ‘ऑपरेशन पांच मिनट’ का अनुसरण करते हुए रेल मंत्री ने 1,780 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें, मोबाइल एप्स और गो इंडिया स्मार्ट कार्ड की शुरुआत की. गो इंडिया स्मार्ट कार्ड से यूटीएस और पीआरएस टिकट बिना नकद भुगतान खरीदे जा सकते हैं. अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकटें खरीदने के लिए मोबाइल एप शुरू किए गए हैं. ई-टिकटिंग मशीनों की क्षमता को 2000 टिकट प्रति मिनट से बढ़ाकर 7,200 टिकट प्रति मिनट की गई है. इससे एक ही समय 1,20,000 उपभोक्ता, इसका उपयोग कर सकते हैं, जबकि पहले केवल 40,000 लोग ही कर पाते थे.


बुजुर्गो-महिला को निचले बर्थ का आरक्षण
आगामी वित्त वर्ष में रेलवे प्रत्येक सवारी डिब्बे में वरिष्ठ नागरिकों के आरक्षण को 50 फीसदी तक बढ़ाया जा रहा है, जिसके परिणाम स्वरूपप्रत्येक रेलगाड़ी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए लगभग 120 की संख्या में निचला बर्थ उपलब्ध होगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए बीच की बर्थ उनके लिए आरक्षित की जाएगी.

सभी स्टेशन बनेंगे ‘दिव्यांगों’ के अनुकूल
रेल मंत्री ने कहा कि ‘सुगम्य भारत अभियान’ के उद्देश्य का अनुसरण करते हुए अगले वित्तवर्ष के दौरान ए1 श्रेणी के स्टेशन के प्रत्येक प्लेभटफार्म पर दिव्यांगों के लिए कम से कम एक शौचालय का निर्माण किया जाएगा. साथ ही दिव्यांगों के लिए व्हील चेअर और ब्रेल लिपि वाले नए कोचों की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू की जाएगी. उन्होंने दिव्यांगों के लिए ऑनलाइन टिकट बुक करते समय छूट लेने के लिए एक बार पंजीकरण करवाने की घोषणा की. साथ ही डिब्बों में वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए नीचे की बर्थ का आरक्षण बढ़ाने और बीच की बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित करने की भी घोषणा की.

100 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इस साल 100 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा उपल्बध कराने का प्रस्ताव है, जबकि अगले दो वर्षो में 400 स्टेशनों पर यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी. संसद में वर्ष 2016-17 का रेल बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा, “रेलवे स्टेशनों पर विशेषकर युवा और कारोबारी यात्रियों के लिए वाई-फाई सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है. इस वर्ष 100 स्टेशनों पर और अगले 2 वर्षो में 400 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है.” उन्होंने कहा कि इसके लिए गूगल के साथ साझेदारी का प्रयास किया जा रहा है.

एक एसएमएस पर होगी डिब्बे की सफाई
रेल मंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर ‘क्लीन माई कोच’ सेवा शुरू की गई है, जिसमें यात्री एसएमएस के जरिए अपने कोच, शौचालय को साफ करने का अनुरोध कर सकते हैं और नियमित अंतराल पर तीसरी पार्टी ऑडिट और यात्रियों द्वारा फीडबैक के आधार पर ए-1 और ए श्रेणी के स्टेशनों का रैंक निर्धारण किया जा सकता है.

रेलगाड़ियों में 17,000 जैविक शौचालय होंगे
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को घोषणा की कि स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत मिशन का अनुसरण करते हुए भारतीय रेल 2016-17 वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले रेलगाड़ियों में 17,000 जैव शौचालयों और स्टेशनों पर अतिरिक्त 475 शौचालयों का निर्माण कराएगी. संसद में वर्ष 2016-17 का रेल बजट प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा, “विश्व का सर्वप्रथम जैव वैक्यूम शौचालय भारतीय रेल द्वारा तैयार किया गया है और इसका उपयोग डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 74 अतिरिक्त रेलगाड़ियों को ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा के अंतर्गत डाला गया है और अन्य 400 को जल्द ही डाला जाएगा, जिससे इस योजना के अंतर्गत रेलगाड़ियों की कुल संख्या 1,000 हो जाएगी.”

भर्ती प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
प्रभु ने कहा, “भारतीय रेल का मिशन अपने समस्त कामकाज में 100 प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. भारतीय रेलवे ने 2015-16 में ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी और अब सभी पदों के लिए इस प्रकिया को अपनाया जा रहा है. रेलवे के दिन-प्रतिदिन के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल एक साधन के रूप में किया जा रहा है. निर्माण कार्यों के लिए खरीद सहित सभी प्रकार की खरीद ई-प्लेटफॉर्म पर की जा रही है.” रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे कागज रहित प्रबंधन व्यवस्था अपनाएगी जिसमें न केवल बोलियां ऑनलाइन आमंत्रित की जाएंगी, बल्कि निविदा दिए जाने तक की समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और अगले वित्त वर्ष के दौरान इसे देश भर में लागू कर दिया जाएगा.

महानगरों के यात्रियों के लिये
रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने गुरुवार को मुंबई में उपनगरीय रेल प्रणाली के लिए चर्चगेट-विरार और सीएसटीएम-पनवेल खंडों के बीच दो नये गलियारों की योजना की जानकारी दी. संसद में वर्ष 2016-17 का रेल बजट प्रस्तुत करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राज्य सरकार की भागीदारी में 21 स्टेशनों वाली रिंग रेलवे प्रणाली को शुरू करने का प्रस्ताव पेश किया. रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई लोकल के ये दोनों गलियारे एलीवेटेड होंगे और इनसे उपनगरीय गाड़ियों में भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी. सीएसटीएम-पनवेल गलियारे को मेट्रो लाइनों के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि उसे छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और प्रस्तावित नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ा जा सके.

उन्होंने दिल्ली रिंग रेलवे के लिए निवेश का नया ढांचा तैयार करने का सुझाव दिया जिसमें भारतीय रेल परिचालन पर लागत की तटस्थता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के साथ इक्विटी अंशदान करेगी.

प्रभु ने नया निवेश ढांचा लागू करते हुए अहमदाबाद, हैदराबाद और चेन्नई उपनगरीय रेल प्रणालियों के विकास का प्रस्ताव भी रखा. उन्होंने कहा कि बेंगलुरु और तिरुवंनतपुरम के लिए एक व्यापक उपनगरीय रेल प्रणाली की आवश्यकता है.

प्रभु ने कहा कि कोलकाता में जारी लगभग 100 किलोमीटर मेट्रो का निर्माण कार्य जून 2018 में पूर्ण हो जाने पर वहां मेट्रो की मौजूदा क्षमता चार गुनी हो जाएगी. उन्होंने उपनगरीय गाड़ियों में व्यस्त समय के दौरान भीड़भाड़ को कम करने के लिए राज्य सरकारों से कार्यालय के काम के घंटों के लिए अलग-अलग समय रखने की अपील की.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!