राज्यसभा में मुद्दा बना ‘घर वापसी’

नई दिल्ली | एजेंसी: राज्यसभा में विपक्ष प्रधानमंत्री का ‘घर वापसी’ पर बयान सुनना चाहता है. उल्लेखनीय है कि सरकार को कथित ‘घर वापसी’ तथा धर्मांतरण के मुद्दे पर विपक्ष की बहुमत वाली राज्यसभा में विरोध का सामना करना पड़ रहा है. इसी ‘घर वापसी’ के मुद्दे पुर राज्यसभा में काम-काज नहीं हो पा रहा है. वास्तव में मामला विकास बनाम ‘घर वापसी’ का बन गया है. विपक्ष की मांग है कि विकास के मुद्दे पर चुनाव जीती भाजपा तथा प्रधानमंत्री मोदी का रुख क्या है? वहीं, प्रधानमनंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में अब तक कोई बयान नहीं दिया जबकि खबरिया टीवी चैनलों पर भाजपा के प्रवक्ताओं को बहस में भाग लेते देखा जा सकता है. कुछ समाचार पत्रो के हवाले से खबर आई थी कि प्रधानमंत्री मोदी इस ‘घर वापसी’ के अभियान से खुश नहीं हैं. राज्यसभा में धर्मातरण के मुद्दे पर सोमवार को भी गतिरोध बरकार है. विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे पर एक बार फिर चर्चा की मांग की है. समाजवादी पार्टी नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने सभी कामकाज को स्थगित करने और चर्चा शुरू करने के लिए नोटिस दिया है.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हालांकि कहा कि नोटिस स्वीकार नहीं जा सकता, क्योंकि यह पहले ही एक बार उठाया जा चुका है.

जेटली ने कहा, “नियम 169 के तहत एकबार चर्चा हो जाने के बाद दोबारा चर्चा अमान्य है.”

विपक्षी सदस्यों ने सरकार की वादे पूरे न करने और ‘घर वापसी’ के एजेंडे को आगे बढ़ाने को लेकर आलोचना की.

सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, “उन्होंने यह वादा किया था कि वे किसानों को फसल की लागत का डेड़ गुना वापस करेंगे, उन्होंने वादा किया था कि वे काला धन वापस लाएंगे और रोजगार का सृजन करेंगे. इनमें से कुछ भी पूरा नहीं किया गया, लेकिन वे दोबारा धर्मातरण के मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हैं.”

इसके बाद जनता दल-यूनाइटेड के नेता शरद यादव और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता सीताराम येचुरी भी चर्चा की मांग करने लगे.

तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओब्रेन ने कहा, “हम चर्चा से भाग नहीं रहे. हम धर्मातरण के मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं. हम प्रधानमंत्री से सदन आने की मांग कर रहे हैं.”

इस बीच, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, “विपक्ष चर्चा से दूर नहीं भाग रहा, बल्कि प्रधानमंत्री के चर्चा से बचने की वजह से गतिरोध बना हुआ है.”

विपक्षी सदस्य सभापति की आसंदी के नजदीक जमा हो गए और तख्ती दिखाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी.

मुद्दे पर हंगामा बरकरार रहने पर उप सभापति पी.जे.कुरियन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

दोपहर प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी यही स्थिति देखी गई, जिसके बाद सभापति एम.हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही पहले 15 मिनट और फिर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

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