रामसिंह नहीं कर सकता आत्महत्या

नई दिल्ली:  तिहाड़ जेल में गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह की आत्महत्या को पर किरण बेदी का बयान चौंकाने वाला है. किरण बेदी का कहना है कि वे अपने कार्यक्रम आपकी कचहरी के दौरान राम सिंह से गैंगरेप से पहले ही मिल चुकी थीं और राम सिंह के स्वभाव से नहीं लगता कि वह आत्महत्या करने वाला आदमी हो सकता है. इधर राम सिंह के वकील वी के आनंद ने कहा है कि राम सिंह किसी साजिश का शिकार हुआ है. जेल प्रशासन जिस तरह के तर्क दे रहा है, वह गले उतरने वाले नहीं हैं. राम सिंह के परिजनों ने भी कहा है कि राम सिंह की हत्या की गई है और इसे छुपाने के लिये साजिश रची जा रही है. गौरतलब है कि जेल जाने के कुछ दिनों बाद राम सिंह को जेल के अन्य कैदियों ने जमकर पीटा भी था.

राम सिंह उस बस का ड्राइवर था, जिसमें दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर को लड़की के साथ गैंग रेप किया गया था. राम सिंह और उसके साथियों पर आरोप है कि एक चार्टर्ड बस में लड़की के साथ गैंग रेप किया और उसके साथी की पिटाई की गई. इसके बाद दोनों को चलती बस फेंक दिया गया था. इस मामले में सरकार ने लड़की को इलाज के लिए सिंगापुर भेजा लेकिन वहां उसकी मौत हो गई थी. इस गैंगरेप को लेकर देश और दुनिया भर में भारी प्रदर्शन हुये थे और सरकार को इस तरह के मामलों के लिये नया कानून बनाना पड़ा था.

राम सिंह को 18 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था. सोमवार को उसकी विशेष कोर्ट मे पेशी होनी थी. वह तिहाड़ जेल की जेल नंबर तीन में बंद था. इस केस के अन्य आरोपी मुकेश, पवन, विनय और राजू तिहाड़ जेल में बंद है तथा एक अन्य आरोपी नाबालिग है. इस घटना के बाद तिहाड़ जेल में बंद चारों आरोपियों की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है.

सोमवार को राम सिंह की कथित आत्महत्या के बाद तिहाड़ जेल की पूर्व प्रमुख और देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने कहा कि राम सिंह से वो ‘आपकी कचहरी’ कार्यक्रम के दौरान मिल चुकी थीं, जब वो अपने दुर्घटना के मामले में आया था. उसने अपने मालिक के खिलाफ शिकायत की थी कि दुर्घटना में चोट लगने के बावजूद मालिक ने उसे उचित मुआवजा नहीं दिया है.शो में बस के मालिक को भी बुलाया गया था, जिसमें उसने कहा था कि दुर्घटना के वक्त राम सिंह उसका कर्मचारी नहीं था और राम सिंह उसकी बस को अवैध तरीके से ले गया था. इस दुर्घटना में राम सिंह के दोनो हाथ मुड़ गये थे.

किरण बेदी का कहना है कि राम सिंह अपनी बात मनवाने के लिये किसी हद तक जाने वाला आदमी था. राम सिंह से मिल कर ऐसा नहीं लगता कि वो इतना कमजोर आदमी था कि आत्महत्या कर ले.

गृह राज्य मंत्री आर. पी. एन सिंह ने कहा कि मुख्य आरोपी की आत्महत्या के इस मामले में तिहाड़ जेल के वरिष्ठ अधिकारी जांच का आदेश जारी कर चुके हैं. हम मामले की जांच कर रहे हैं.

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