राजद के 7 विधायक हुए बागी

पटना | एजेंसी: बिहार में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सोमवार को उस समय दो फाड़ हो गई जब पार्टी के 13 विधायकों ने बगावत का बिगुल फूंकते हुए खुद को अलग करने की घोषणा कर दी. पार्टी के नेताओं ने विद्रोह की बात को नकार दिया है और छह ‘बागियों’ ने बाद में कहा कि वे अभी भी लालू प्रसाद नीत पार्टी से जुड़े हैं.

विधानसभा में राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दकी ने संवाददाताओं से कहा, “राजद में फूट नहीं पड़ी है.”


इससे पहले राजद के विधायक जावेद अंसारी ने आईएएनएस से कहा कि उन्होंने 12 विधायकों के साथ पत्र पर हस्ताक्षर किया है और विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को पृथक सीट मुहैया कराने का आग्रह किया है.

अंसारी ने दावा किया कि चौधरी ने उनका पत्र स्वीकार कर लिया है और उन लोगों को सदन में पृथक गुट मान लिया है.

ज्ञात हो कि 243 सदस्यीय विधानसभा में राजद के 22 विधायक हैं.

अंसारी ने यह भी कहा कि 13 विधायक सत्ताधारी जनता दल युनाइटेड में शामिल होना चाहते हैं.

अंसारी ने कहा कि राजद ने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कांग्रेस के दरवाजे पर घुटने टेक दिए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी से अलग होने वाले विधायकों में सम्राट चौधरी, जावेद अंसारी, राघवेन्द्र नारायण सिंह, अनिरुद्ध कुमाार के नाम शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अभी और लोग आ सकते हैं.

राजद के मुख्य सचेतक सम्राट चौधरी ने भी कहा कि 22 में से 13 विधायक पार्टी के साथ नहीं रहे.

बाद में सिद्दकी ने 13 में से छह विधायकों को मीडिया के सामने हाजिर कर कहा कि राजद को भ्रमित करने के लिए अफवाह उड़ा दी गई.

अफवाह के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सिर ठीकरा फोड़ते हुए उन्होंने कहा, “यह शरारत और जालसाजी भरा कारनामा उन लोगों का काम है जो लाल बत्ती और मलाईदार पद से चिपके रहने के लिए मरे जा रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि असल बात तो यह है कि नीतीश कुमार सरकार अल्पमत में है और अपनी सरकार को स्थिर रखने के लिए उन्हें विधायकों की सख्त जरूरत है.

सिद्दकी ने कहा कि राजद ने मंगलवार को अपने पार्टी विधायक दल की बैठक पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर रखी है.

उन्होंने कहा, “उसी बैठक में साफ हो जाएगा कि पार्टी के साथ कितने विधायक हैं.”

उन्होंने कहा कि कुछ विधायक क्षेत्र में गए हैं, वे भी मंगलवार को आ जाएंगे. उन्होंने कहा कि एक-दो विधायक हो सकता है छिटक गए हों जिनकी दलबदल नियम के तहत विधायकी भी जाएगी.

पार्टी में टूट के बारे में पूछे जाने पर लालू प्रसाद यादव ने कहा कि वे विधायकों से बात करेंगे और बताएंगे कि सांप्रदायिकता से भारत को खतरा है.

उन्होंने कहा, “सांप्रदायिकता देश के लिए खतरा है. मैं विधायकों को पार्टी नहीं छोड़ने के लिए समझाउंगा. हम उनसे बात करेंगे.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!