सहारा को निवेशकों की सही सूची सौंपने का आदेश

उच्चतम न्यायालय ने सहारा समूह को निर्देश दिए हैं कि वह एक हफ्ते के अंदर अपने निवेशकों की सही सूंची सौंपे. न्यायालय ने यह भी कहा कि सूची न मिलने की स्थिति में सेबी सहारा का ओएफसीडी डिपॉजिट जप्त करने को स्वतंत्र है. न्यायालय सीबीआई द्वारा 15 मार्च को दाखिल अवमानना की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी. इस मामले में अगली सुनवाई 2 मई को होनी है.

न्यायालय ने सहारा पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे कोर्ट के साथ चालबाज़ी कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल करने पर भी नाराज़गी जताई.


उल्लेखनीय है कि सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा हाउसिंग इवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) और सहारा इंडिया रियल स्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) पर बॉन्ड धारकों से 17400 करोड़ की राशि गैरकानूनी फाइनेंस स्कीमें के लिए जुटाने और ‘विभिन्न अनियमितताएं’ बरतने का आरोप सिद्ध हुआ था.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को ब्याज समेत कुल 24000 करोड़ रुपए निवेशकों को लौटाने के आदेश दिए थे, हालांकि सहारा इसमें से सिर्फ 5120 करोड़ ही जमा करा सकी. इसके बाद सहारा पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला चला जिसमें 15 मार्च को सेबी द्वारा अर्जी दाखिल की गई कि सहारा समूह प्रमुख सुब्रत रॉय को गिरफ्तार किया जाए.

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